राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से मिले चंदे पर भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने सोनिया से पूछे 10 सवाल, आप भी जानें

नई दिल्ली। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने सोनिया गांधी से एक के बाद एक कुल 10 सवाल पूछे। उन्होंने पहला सवाल दागते हुए कहा कि देश जानना चाहता है कि चीन की ओर से राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसा क्यों दिया गया? भाजपा अध्यक्ष ने कहा मैं सोनिया जी को यह कहना चाहता हूं कि कोरोना के कारण या चीन की स्थिति के कारण मूल सवालों से बचने की कोशिश नहीं करें। भारत की सेना सरहदों की रक्षा करने में सक्षम है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित है।
कितना पैसा लिया और क्या घात किए
भाजपा अध्यक्ष ने अगला सवाल किया कि 130 करोड़ देशवासी जानना चाहते हैं कि राजीव गांधी फाउंडेशन ने चीन से कितना पैसा हासिल किया था? कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए क्या-क्या काम किए और किस तरह से देश के विश्वास के साथ घात किया है।
आरोपों पर लगी मुहर
नड्डा ने कहा कि हमने कुछ दिन पहले ट्वीट करके राजीव गांधी फाउंडेशन पर सवाल उठाए थे… आज पी चिदंबरम कहते हैं कि फाउंडेशन उस पैसे को लौटा देगा। देश का पूर्व वित्त मंत्री जो खुद बेल पर हो उसके द्वारा स्वीकरोक्ति कि देश के अहित में फाउंडेशन ने नियम की अवहेलना करते हुए फंड लिया।
RCEP का हिस्सा बनने की क्या जरूरत थी?
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि RCEP (Regional Comprehensive Economic Partnership) ना तो किसानों… ना MSME और ना ही अन्य क्षेत्रों के हित में है। पीएम मोदी भी इसमें शामिल नहीं हुए। फिर RCEP का हिस्सा बनने की क्या जरूरत थी? चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 1.1 बिलियन अमरीकी डॉलर से बढ़कर 36.2 बिलियन अमरीकी डॉलर कैसे हो गया?
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से क्या MoU साइन हुए
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज देश जानना चाहता है कि कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के बीच क्या रिश्ता है? दोनों के बीच हस्ताक्षरित और गैर हस्ताक्षरित MoU क्या हैं? देश की जनता इसका जवाब जानना चाहती है कि पीएम नेशनल रिलीफ फंड जो लोगों की सेवा और उन्हें राहत पहुंचाने के लिए है… उससे 2005-08 तक राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसा क्यों जारी किया गया?
चंदे के लिए दबाव क्यों बनाया
नड्डा ने बड़े यह भी पूछा कि जनता यह जानना चाहती है कि यूपीए शासन में कई केंद्रीय मंत्रालयों, सेल, गेल, एसबीआई, अन्य पर राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसा देने के लिए क्यों दबाव बनाया गया। तत्कालीन पीएम नेशनल रिलीफ फंड का ऑडिटर कौन था?
क्या चाह रही थी सरकार
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि ठाकुर वैद्यनाथन एंड अय्यर कंपनी राजीव गांधी फाउंडेशन की ऑडिटर थी। रामेश्वर ठाकुर इसके फाउंडर थे। वह राज्य सभा के सांसद थे और चार राज्यों के राज्यपाल भी रहे। कई दशकों तक उसके ऑडिटर रहे… ऐसा क्यों? देश जानना चाहता है कि ऐसे लोगों ऑडिटर बनाकर क्या सरकार करना चाह रही थी।
मेहुल चौकसी से चंदा क्यों लिया
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मैं जानना चाहूंगा कि राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को दान कैसे दिया गया जो एक परिवार द्वारा नियंत्रित है? मेरा कांग्रेस से सवाल है कि मेहुल चौकसी से राजीव गांधी फाउंडेशन में पैसा क्यों लिया गया? मेहुल चौकसी को लोन देने में मदद क्यों की गई?
मनमोहन ने राजीव गांधी फाउंडेशन को दिए 100 करोड़
भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने यह भी खुलासा किया कि मनमोहन सिंह ने वित्तमंत्री रहते 1991 के बजट में फाउंडेशन को 100 करोड़ रुपये दिए थे। उन्होंने कहा कि मैं जानना चाहता हूं कि जिस बेशकीमती जमीन पर जवाहर भवन बना है वह भूमि राजीव गांधी फाउंडेशन को स्थायी पट्टे पर क्यों दी गई। इतनी महंगी जमीन फाउंडेशन को देने का निर्णय किस आधार पर किया गया।
क्या छिपाना चाहती हैं सोनिया गांधी
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि 1991 के बजट में फाउंडेशन को 100 करोड़ का आवंटन किया फिर भी इस फाउंडेशन का कैग ऑडिट नहीं कर सकता है। न ही यह संस्था आरटीआइ के दायरे में आती है। उन्होंने कहा कि मैं मनमोहन सिंह से पूछता हूं कि सोनिया गांधी क्या छिपाना चाहती हैं। सरकारी धन की इस तरह की लूट-खसोट पर डॉ. सिंह क्या कहना चाहेंगे। आरजीएफ ने न केवल जगह-जगह से पैसा लिया बल्कि गांधी परिवार द्वारा नियंत्रित राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को चंदा दिया भी है।
कांग्रेस को बताया भ्रष्टाचार का पर्याय
नड्डा ने कहा कि कांग्रेस और भ्रष्टाचार एक दूसरे के पर्याय हैं। हमारी पार्टी देश के विकास के लिए इसका चेहरा बदलने में लगी है। इसके साथ ही हम दोहरे चरित्र वाले नेताओं का पर्दाफाश करने में कोई कसर नहीं उठा रखेंगे। उन्होंने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि वह चीन और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ किए गए समझौतों पर देश के सामने खुद को पाक-साफ साबित करे।






