ब्रेकिंग
BJP MLA Slogan Viral: 'नरेंद्र मोदी अमर रहे' का नारा लगाकर घिरे सिंगरौली के भाजपा विधायक; जानें क्या... UPI Transaction Fee Rules: UPI से भुगतान पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क? व्यापारियों ने जताया विरोध, वित्त ... Ganesh Utsav Vidisha: बंटी नगर में सजी 'गोकुलधाम सोसाइटी' की अनोखी झांकी; सिद्ध गणेश मंदिर में लगी भ... Asian Games 2026 Women's Cricket: सेमीफाइनल में बांग्लादेश से भिड़ेगी टीम इंडिया, मैच बारिश से धुला ... KBC 18 Episode Update: छत्तीसगढ़ की कपिला तनेजा की दर्द भरी कहानी सुनकर नम हुईं बिग-बी की आंखें, जान... Pakistan Kohat Mosque Blast: खैबर पख्तूनख्वाह की मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान जोरदार धमाका, 5 जव... US Fed Rate Hike and Crypto Market: ब्याज दरों में बढ़ोतरी से क्यों घबराते हैं क्रिप्टो निवेशक, जानि... iPhone 18 Pro Max vs iPhone 17 Pro Max Comparison: कीमत, फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स में जानें कौन सा फ... Ganesh Visarjan Vastu Tips: बप्पा की विदाई के बाद नारियल के इन अचूक उपायों से घर में बरसेगी मां लक्ष... Air Travel Costly News: बिना साथी बच्चों और इन्फेंट ट्रेवल फीस में भारी बढ़ोतरी, जेब पर पड़ेगा सीधा ...
देश

गलवन घाटी में ऑरेंज अलर्ट पर भारतीय सेनाएं, चीन को तबाह करने के लिए एयर मिसाइल सिस्टम तैनात

जम्मू। पूर्वी लद्दाख की गलवन घाटी में चीनी सैनिकों की हिमाकत के बाद उपजे तनाव के बीच अब भारतीय सेनाओं ने जमीन ही नहीं, हवा में भी उसे घेरने के लिए मजबूत जाल बिछा रखा है। पूरे लद्दाख में भारतीय वायुसेना और थल सेना ऑरेंज अलर्ट पर है। इतना ही नहीं, दुश्मन के विमान तबाह करने के लिए क्विक रिएक्शन सरफेस टु एयर मिसाइल सिस्टम भी तैनात कर दिया गया है। वायुसेना के आधुनिक रडार दुश्मन के विमानों को उसके बेस पर ही निगरानी पर रखे हैं।

पूर्वी लद्दाख में चीन के मुकाबले भारतीय सेनाएं पूरी तरह तैयार

पूर्वी लद्दाख में चीन के मुकाबले भारतीय सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं। एक ओर तोपखाना जरूरत पड़ने पर सटीक वार करने को मुस्तैद है तो भारतीय वायुसेना भी हवाई हमले को नाकाम करने में सक्षम है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, दोनों भारतीय सेनाओं ने तोपों और मिसाइलों की तैनाती करने के साथ ही पूर्वी लद्दाख में गत दिनों अपने मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम भी मजबूत किया है। इसके अलावा भी नए उपकरणों को शामिल करने का सिलसिला जारी है।

भारत व चीन के विमानों को उड़ते समय एलएसी से दस किलोमीटर की दूरी बनानी होती है

दरअसल, पिछले दो हफ्तों में चीन की वायुसेना वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब सुखोई- 30 विमानों और हेलीकॉप्टरों की गतिविधियों में तेजी लाई है। चीन के हेलीकॉप्टर गलवन घाटी के पेट्रो¨लग प्वाइंट 14, 15 व हॉट स्पि्रंग, पैंगोंग त्सो और फिगर एरिया के काफी पास तक उड़ान भरते देखे गए हैं। इसके जवाब में ही भारतीय वायुसेना ने पूर्वी लद्दाख में दुश्मन के विमानों को मार गिराने की क्षमता से युक्त अपने आधुनिक क्विक रिएक्शन सरफेस टू एयर मिसाइल सिस्टम तैनात किया है। दोनों देशों में समझौते के अनुसार, भारत व चीन के विमानों को उड़ते समय वास्तविक नियंत्रण रेखा से दस किलोमीटर की दूरी बनानी होती है।

दुश्मन के विमान को तबाह करने की क्षमता :

क्विक रिएक्शन सरफेस टु एयर मिसाइल सिस्टम पिछले वर्ष ही वायुसेना के बेड़े में शामिल किया गया है। इस मिसाइल सिस्टम को जाम नहीं कर सकता है। इसे वाहन के जरिये कम समय में ही एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है। सिस्टम में लगी मिसाइल दुश्मन के विमान को फौरन तलाश कर त्वरित कार्रवाई कर उसे तबाह करने की ताकत रखती है।

क्या है ऑरेंज अलर्ट 

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार लद्दाख में भारतीय वायुसेना व थल सेना ऑरेंज अलर्ट पर है। इसके तहत भारतीय लड़ाकू विमानों के हवा से निगरानी करने का स्तर ठीक वैसा ही है, जिसका प्रदर्शन गत वर्ष पाकिस्तान में आतंकी कैंपों पर स्ट्राइक के बाद वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई करने के लिए आए पाकिस्तान के एफ-16 विमानों में से एक को तबाह कर दिया था। पूर्वी लद्दाख में अपने तीन एडवांस लैंडिंग ग्राउंड बनाने वाली वायुसेना के फाइटर विमान चंद मिनटों में चीन पर घातक प्रहार करने की भी क्षमता रखते हैं।

Related Articles

Back to top button