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कांग्रेस नेताओं के बीच विवाद, सोनिया गांधी ने संभाला मोर्चा

नई दिल्लीः 23 जून की वर्किंग कमेटी की बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के बीच विवाद खुलकर सामने आने के बाद डैमेज कंट्रोल के लिए सोनिया गांधी ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने राज्यसभा में कांग्रेस उपनेता आनंद शर्मा को शांत करने के लिए अपने आवास पर बुलाया। राहुल गांधी के सीधा मोदी पर हमला करने की सोच के बीच मतभेद हो गया था।

पिछले दिनों राहुल ने उन्हें ‘सरैंडर मोदी’ कह दिया था। इस पर आर.पी.एन. सिंह ने सुझाव दिया कि पार्टी को नरेन्द्र मोदी की व्यक्तिगत आलोचना से बचना चाहिए, लेकिन राहुल गांधी के एक और वफादार राजीव सातव ने राहुल का समर्थन किया। वहीं इससे पहले की बैठकों में नेताओं ने मोदी के प्रति सीधे नरम रुख रखने का विचार किया था।

इस दौरान आनंद शर्मा ने कहा कि वह राज्यसभा के एकमात्र सदस्य थे जो सदन के भीतर मोदी पर हमला कर रहे थे। मोदी अपने पर हो रहे कड़वे हमलों से इतने परेशान थे कि उन्होंने सदन में आने से इंकार कर दिया और जब बोलने की बारी आई तो सदन से बाहर चले गए।

शर्मा ने कहा कि सी.डब्ल्यू.सी. में ऐसे नेता हैं, जो पहले पार्टी छोड़ चुके थे और वापस पार्टी में आकर मोदी के खिलाफ मुंह भी नहीं खोल रहे थे। यह सोनिया गांधी को ही उचित लगता है, जिन्होंने उन्हें समर्थन दिया है। इस विषय पर चर्चा के बाद बैठक समाप्त हो गई है, क्योंकि प्रस्ताव पारित किया जा चुका था। इसके बाद सोनिया ने सभी को साथ रखने के लिए पार्टी नेताओं से बात की और उन्हें शांत किया।

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