ब्रेकिंग
Bihar Crime News: कैमूर में जमीन के पैसों के विवाद में जिंदा जलाए गए फौजी की मौत, गुस्साए ग्रामीणों ... Gaya Pitru Paksha Mela 2026: गया में ऑनलाइन पिंडदान और टूरिज्म पैकेज पर विवाद, पंडा समाज ने जताई कड़... Nashik Illegal Tree Felling: नासिक में विज्ञापन बोर्ड के लिए काटे गए 50 से ज्यादा पेड़, विज्ञापन कंप... Ashirwad Ka Diya Campaign: पीएम मोदी के जन्मदिन पर वाराणसी से लेकर कोलकाता तक जलाए गए दीये, सीएम योग... Kurnool Ganesh Visarjan News: गणपति बप्पा को वापस मांगते हुए रोता दिखा बच्चा, वीडियो सोशल मीडिया पर ... Syrian Politics Update: बशर अल-असद के जाने के बाद नई संसद का ऐतिहासिक कदम; काउंटर-टेररिज्म कोर्ट को ... Japan Bear Crisis: जापान में क्यों बढ़ रहा है भालुओं का खतरा? सरकार ने उठाया बड़ा प्रशासनिक कदम US Russia Sanctions Bill: अमेरिका के नए प्रतिबंध बिल पर भड़का रूस; क्रेमलिन बोला- यूक्रेन शांति वार्... Shergarh Mathura News: हाईटेंशन लाइन से छुआ बोरिंग का पाइप, करंट लगने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत और... DM Avinash Singh Action in Bareilly: राजस्व वसूली में गबन पर गाज, मीरगंज और फरीदपुर तहसील में प्रशास...
देश

लालू के बंगले के बाहर RJD नेताओं का एक ही राग- चूड़ा-सत्तू खाएंगे, टिकट लेकर जाएंगे

रांची। Bihar Assembly Election 2020 छपरा के भगवानपुर से आए डॉ. प्रीतम यादव की चमचमाती कार पर राजद का हरा झंडा लहरा रहा है, लेकिन उनके चेहरे पर निराशा के भाव हैं। मंगलवार की सुबह से वे अपने कुछ समर्थकों के साथ इस आस में थे कि एक दफा राजद प्रमुख लालू प्रसाद के दर्शन हो जाएं। वे छपरा से टिकट चाहते हैं। 2014 में विधानसभा उपचुनाव में किस्मत आजमा चुके हैं। हालांकि उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है। कहते हैं- भैया, आए हैं तो साहब से मिलकर ही जाएंगे। वे हमारे नेता हैं और हम राजद के खांटी कार्यकर्ता। टिकट के लिए थोड़ी दिक्कत भी सहने में कोई कठिनाई नहीं है।

लालू प्रसाद के केली बंगले के बाहर लग रहा मजमा, लगातार दो दिनों तक दैनिक जागरण में इसकी खबर छपने के बाद मंगलवार को पुलिस यहां चुस्त दिखी। किसी को गेट के बाहर फटकने से रोका जा रहा था लेकिन कार्यकर्ता कहां मानने वाले। टिकट की आस में बिहार से आ गए तो सुप्रीमो से मिलने का जुगाड़ बनाना तो बनता है। सो, गेट पर न सही बंगले के इर्द-गिर्द जत्थों में बंटे दिखे। सब यह पता लगाते रहे कि बंगले के अंदर कैसे बायोडाटा पहुंचाया जाए। मुलाकात करने अंदर जा कौन-कौन रहा है। मीडिया वालों को देखकर ये अपनी खीज उतारने से भी नहीं हिचक रहे।

सीवान के विनय दो दिनों से केली बंगला के आसपास टहल रहे हैं। आमना-सामना हुआ तो शिकायती लहजे में बोले-आपलोग भी जीने नहीं दीजिएगा ना महाराज। एकदमे हाथ धोके पड़ गइल बानी लालूजी के पीछे। अब भीतरो कैमरा लगवाइएगा का? आप ही लोग के कारण अब त सिपहियो रगेद रहा है। लेकिन हम भी चूड़ा-भूंजा खाके एहिजे रहब। साहब से मिलले बिना हम ना जाइब।

लालू की सुरक्षा में तैनात पुलिसवाले भी कम परेशान नहीं हैं। एएसआइ उदय शंकर शर्मा कहते हैं-केकरा-केकरा रोकें। धकियाकर भगाना पड़ता है। बाउंड्री पर सब उछलकूद मचा देता है। संभालने में हालत खराब हो जाता है, लेकिन आज पोजिशन ठीक है। सुबहे से टाइट किए हैं, ऊपर से बहुत प्रेशर है। हमलोग की भी मजबूरी है। सिक्योरिटी से कैसे समझौता करें भला। साहब लोगों को आदेश है, बिना इजाजत कोई अंदर गया तो समझिएगा।

दिन के ढ़ाई बजे के आसपास एकाएक जानकारी मिलती है कि दूसरे गेट से कुछ लोगों को एंट्री मिली है। राजद के टिकटार्थी उधर लपकते हैं। हालांकि यह अफवाह थी। बताया गया कि साहब अभी रेस्ट कर रहे हैं। ढेर सारा बायोडाटा भीतर जमा है। पटना से आए अनिल समझाते हैं- यहां आकर टाइम बर्बाद करने से अच्छा है कि पटने (पटना) में कुछ जुगाड़ लगाया जाए। संदेश आया है कि सब तेजस्वी से मिलो। अब ओहीं जाते हैं। ई बार कैसहू टिकट ले लेना है। अनिल काफी वक्त से राजद से जुड़े हैं और लालू प्रसाद के प्रति बेहद लगाव रखते हैं।

उनका कहना है, टिकट नहियो मिलेगा तो कोई बात नहीं, जिसको मिलेगा, ओकरे लागी काम करेंगे। वे कहते हैं- लालू प्रसाद जब पहली बार अरेस्ट हुए थे तब भी वे रांची आए थे। तब नारा लगाते थे-जेल का फाटक टूटेगा, लालू यादव छूटेगा। आज हमलोगों का नारा है-चूड़ा-सत्तू खाएंगे, टिकट लेकर जाएंगे। इस बीच तेज बारिश शुरू हो जाती है और सभी छिपने के लिए इधर-उधर भागते हैं। उधर, केली बंगले के गेट पर संतरी मुस्तैद होकर ड्यूटी बजा रहा है।

Related Articles

Back to top button