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टेक्नोलॉजी

प्रतिबंधों से परेशान चीन ने दुनियाभर के देशों से लगाई गुहार, रखा डाटा सिक्योरिटी का नियम बनाने का प्रस्ताव

नई दिल्ली. चीन की टेक्नोलॉजी कंपनियों को मौजूदा दौर में दुनियाभर में प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। इन प्रतिबंधों की वजह से चीन को भारी नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। चीनी ऐप्स और टेक कंपनियों पर जासूसी समेत यूजर्स डाटा की चोरी के आरोप लगे हैं। इन प्रतिबंधों से परेशान चीनी सरकार ने दुनिया के सभी देशों के समक्ष एक प्रस्ताव रखा है, जिसमें विदेशी कंपनियों के लोकल डाटा स्टोर को लेकर एक नया नियम बनाने की बात कही गई है, जो दुनियाभर के सभी देशों में मान्य हो।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिपोर्ट के मुताबिक चीन के विदेश मंत्री Wang Yi ने ग्लोबल डाटा सिक्योरिटी प्रस्ताव को पिछले हफ्ते G20 के सहयोगी देशों के साथ साझा पेश किया था। चीन ने इस प्रस्ताव को डिजिटल सेक्टर के लिए ग्लोबल स्टैंडर्ड बनाने का प्रयास करार दिया है। चीनी मंत्रालय की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक बयान के अनुसार लोकल कंपनियों के विदेशी डाटा स्टोर को लेकर नियम सख्त करने की जरूरत है। वांग ने बयान में कहा कि ग्लोबल डिजिटल गवर्नेंस में घाटे को कम करने के लिए दुनिया के सभी देशों को संचार, समन्वय और आपसी विश्वास को बढ़ाने और एक दूसरे के बीच सहयोग को गहरा करने की जरूरत है।

ट्रंप प्रशान ने कहा था कि सीमा पार से डाटा फ्लो के लिए मौजूदा वक्त में कुछ ही ग्लोबल स्टैंडर्ड बने हुए हैं, जिसका चीन फायदा उठाता रहा है। ऐसे में चीन को डाटा सिक्योरटी को लेकर संजीदा होना चाहिए ,जिससे ग्लोबल सप्लाई चेन स्वतंत्र, सुरक्षित और स्थायी बनी रह सके। ट्रंप प्रशासन के एक प्रस्ताव के मुताबिक बीजिंग को अन्य देशों के कानून का उल्लंघन करके चीनी कंपनियों के विदेशी ऑपरेशन्स के डाटा को साझा किए जाने की जरूरत नही होनी चाहिए। बता दें कि भारत समेत अमेरिका में डाटा चोरी और जासूसी के आरोप में चीन के कई सारे ऐप्स और टेक कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं।

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