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सरकार ने आयुध निर्माणी बोर्ड के निगमीकरण की निगरानी के लिए अधिकार प्राप्त मंत्री समूह का किया गठन

नई दिल्लीः रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) के निगमीकरण की प्रक्रिया की निगरानी के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में एक अधिकार प्राप्त मंत्री समूह (ईजीओएम) का गठन किया गया है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत सरकार ने 16 मई को यह घोषणा की थी कि आयुध निर्माणी बोर्ड को सरकार के मालिकाना हक वाले एक या अधिक कॉरपोरेट इकाइयों में तब्दील करने से आयुध आपूर्ति की स्वायत्तता, जवाबदेही और दक्षता बढ़ेगी। ओएफबी रक्षा मंत्रालय के अधीन आता है।

मंत्रालय ने शुक्रवार कहा कि ईजीओएम परिवर्तन सहयोग एवं कर्मचारियों के वेतन एवं सेवानिवृत्ति लाभों की हिफाजत करते हुए उनकी पुन: तैनाती योजना सहित समूची प्रक्रिया (निगमीकरण) की निगरानी और मार्गदर्शन करेगा। बयान में कहा गया है कि ईजीओएम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद और श्रम मंत्री संतोष कुमार गंगवार भी शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मामलों के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह भी इसमें शामिल हैं। बयान में कहा गया है कि ईजीओएम के कार्य क्षेत्र के दायरे में शामिल हैं:

ओएफबी को एकल रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (डीपीएसयू) या विविध डीपीएसयू में तब्दील करना; कर्मचारियों के विभिन्न श्रेणियों से जुड़े विषय जिनमें मौजूदा कर्मचारियों के वेतन एवं पेंशन की सुरक्षा भी शामिल है ; इकाई/इकाइयों को आर्थिक रूप से समर्थ और आत्मनिर्भर बनाने के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वित्तीय सहायता पर फैसला। ” इसमें ओएफबी द्वारा पहले ही दिए जा चुके ऑर्डरों को नए नियमों से छूट प्रदान करना और ओएफबी की भूमि के उपयोग के तौर तरीकों पर विचार करना भी शामिल है।

मंत्रालय ने कहा कि ईजीओएम के गठन एवं इसके कार्यक्षेत्र के दायरे से ओएफबी तथा बोर्ड/ फैक्टरी/इकाई स्तर पर विभिन्न कर्मचारी संघों को अवगत करा दिया गया है। साथ ही, उनसे ओएफबी के निगमीकरण से जुड़े अपने सुझाव, मुद्दे और चिंताएं ईजीओएम के समक्ष रखने का अनुरोध किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि उसने केपीएमजी एडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और खेतान एंड कंपनी को ओएफबी के निगमीकरण के लिए रक्षा विभाग के परामर्शदाता के रूप में चयनित किया है। देश के सशस्त्र बलों के आयुध उत्पादन के लिए ओएफबी के तहत 41 निर्माणी हैं।

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