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ईरान पर और प्रतिबंध लगा सकते हैं ट्रंप, बाइडन को भी इसी राह पर चलने की सलाह

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल के अंतिम महीनों में ईरान पर और प्रतिबंध लगा सकते हैं। इसके संकेत ईरान में अमेरिका के विशेष दूत इलिओट एब्रेम्स ने दिए हैं। उन्होंने अगले राष्ट्रपति जो बाइडन को भी सलाह दी है कि क्षेत्रीय संतुलन और परमाणु हमले के खतरों को टालने के लिए ईरान पर अब तक की जा रही सख्ती बरकरार रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जो बाइडन के नए विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार को यह देखना जरूरी है कि 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा से ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते में कहां गलती हुई।

ज्ञात हो कि 20 जनवरी को शपथ लेने जा रहे नए राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वह ईरान के साथ बराक ओबामा के समय पर किए गए समझौते पर वापस लौटेंगे। जिसे दो साल पहले मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने छोड़ दिया है। बेरूत इंस्टीट्यूट के एक वर्चुअल कार्यक्रम में बोलते हुए अमेरिका के विशेष दूत इलिओट ने कहा कि ट्रंप प्रशासन तेहरान पर परमाणु कार्यक्रम के संबंध में और दबाव बनाने जा रहा है। यह सख्ती हथियारों के साथ ही मानवाधिकारों से संबंधित होगी। हमारे पास इसके लिए एक हफ्ता या दो हफ्ता नहीं दिसंबर और जनवरी का महीना भी है।

बीते हफ्ते अमेरिका ने लगाए थे प्रतिबंध

बीते हफ्ते अमेरिका ने ईरान के खिलाफ प्रतिबंध लगाए थे और देश के सुप्रीम नेता आयातुल्ला अली खामनेई के फाउंडेशन को काली सूची में डाल दिया था। खामनेई  द्वारा नियंत्रित  फाउंडेशन ऑफ ऑप्रेस्ड, फाउंडेशन से जुड़ी 50 कंपनियों और 10 व्यक्तियों को ब्लैक लिस्ट कर दिया था। इनमें वित्तीय सेवा, खनन और ऊर्जा से जुड़ी कंपनियां हैं।

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