ब्रेकिंग
Gulmarg Accident: बारामूला में शेल फटने से बड़ा हादसा; मृतक की पहचान हुई, प्रशासन ने झूठी खबरों के खि... PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी; हिंद महासागर में भारत की बढ़ेगी र... Delhi BJP Organization: दिल्ली भाजपा ने 11 संगठनात्मक जिलों की नई टीम घोषित की; 33% महिलाओं को मिला ... Delhi Police Controversy: आदर्श नगर में पुलिस सब-इंस्पेक्टर पर महिलाओं को थप्पड़ मारने का आरोप; CCTV... Pakistan Mobile Network in J&K: जम्मू-कश्मीर सीमा के अंदर आ रहे पाकिस्तानी मोबाइल सिग्नल; सुरक्षा एज... Datia News: दतिया के मंदिर में ताजियों की सलामी; 200 साल पुरानी परंपरा से दिखी हिंदू-मुस्लिम एकता की... Kanpur Crime News: महंत पर हमले का आरोपी हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर गिरफ्तार? वायरल वीडियो से मचा हड़कंप Bareilly Accident News: कार रोकने के प्रयास में किसान की दर्दनाक मौत; घर के बाहर ढलान पर फिसल गई थी ... Noida Authority New Office: CM योगी आदित्यनाथ ने किया नोएडा के नए हाईटेक प्रशासनिक भवन का लोकार्पण; ... Mumbai Muharram Case: मुंबई में मोहर्रम जुलूस के दौरान बड़ा खुलासा; जहरीले कैप्सूल बांटने वाला गिरफ्त...
देश

चीन के साथ तनाव के बीच भारत को मिला श्रीलंका और मालदीव का साथ

भारत, श्रीलंका और मालदीव के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने सहयोग को और मजबूत बनाने तथा आम हितों के लिए शांति का माहौल सुनिश्चित करने पर  सहमति व्यक्त की। उन्होंने एक उच्च स्तरीय त्रिपक्षीय वार्ता में क्षेत्र की वर्तमान समुद्री सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने श्रीलंका के रक्षा सचिव मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) कमल गुणारत्ने और मालदीव की रक्षा मंत्री मारिया दीदी के साथ वार्ता में हिस्सा लिया। श्रीलंका, भारत और मालदीव के साथ समुद्री सुरक्षा सहयोग पर चौथी त्रिपक्षीय बैठक का आयोजन कर रहा है। छह साल बाद यह बैठक हो रही है। इससे पहले यह बैठक 2014 में नयी दिल्ली में हुई थी।

सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बनी सहमति
श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार समुद्री सुरक्षा से संबंधित आम मुद्दों पर हिंद महासागर क्षेत्र में सार्थक सहयोग को बढ़ावा देने के इच्छुक तीन देशों ने क्षेत्र में वर्तमान समुद्री सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने समुद्री क्षेत्र जागरूकता, मानवीय सहायता और आपदा राहत, संयुक्त अभ्यास, क्षमता निर्माण, समुद्री सुरक्षा और खतरे, समुद्री प्रदूषण आदि क्षेत्रों में आपसी सहयोग पर चर्चा की। संयुक्त बयान में कहा गया  कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चुनौतियों से निपटने में सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी। इसमें कहा गया कि तीन देशों ने साझा सुरक्षा खतरों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और खुफिया जानकारी को साझा करने के लिए व्यापक सहयोग को बढ़ाने तथा आतंकवाद, कट्टरता, मादक पदार्थ, हथियार और मानव तस्करी, धन शोधन, साइबर सुरक्षा और समुद्री पर्यावरण पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव जैसे मुद्दों को शामिल करने पर सहमत हुए।

इससे पहले तीन बैठकों का हो चुका है आयोजन
यह बैठक हिंद प्रशांत क्षेत्र और हिंद महासागर में अपने प्रभाव को बढ़ाने के चीन के प्रयासों के बीच हुई। चीन हिंद महासागर में अपनी समुद्री सिल्क रोड परियोजना के लिए मालदीव और श्रीलंका को महत्वपूर्ण मानता है। श्रीलंका, भारत और मालदीव ने 2011 में समुद्री सुरक्षा सहयोग पर त्रिपक्षीय एनएसए स्तर की बैठक की शुरूआत की थी और इससे पहले इसकी तीन बैठकों का आयोजन हो चुका है। श्रीलंकाई विदेश मंत्रालय ने ट्वीट किया कि श्रीलंका के विदेश मंत्री दिनेश गुणावर्धने ने मुख्य अतिथि के रूप में बैठक को संबोधित किया। विदेश सचिव एडमिरल प्रो. जयनाथ कोलंबेज ने भी बैठक में हिस्सा लिया। वार्ता के लिए शुक्रवार को कोलंबो पहुंचे डोभाल ने मालदीव की रक्षा मंत्री मारिया दीदी से मुलाकात की थी और हिंद महासागर में प्रमुख द्वीपीय देश के साथ द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने पर सौहार्दपूर्ण और विस्तृत चर्चा की थी।

डोभाल ने एक साल में बार किया श्रीलंका का दौरा 
हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा पर समन्वित कार्रवाई, राहत और बचाव अभियान का प्रशिक्षण, समुद्र में बढ़ते प्रदूषण को लेकर कदम उठाने, सूचनाएं साझा करने, अवैध हथियारों, मादक पदार्थों की तस्करी पर लगाम लगाने जैसे मुद्दे त्रिपक्षीय बैठक में चर्चा का विषय थे। नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा था कि एनएसए स्तर की त्रिपक्षीय बैठक हिंद महासागर के देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए एक प्रभावी मंच हैं। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। इस साल डोभाल का श्रीलंका का यह दूसरा दौरा है। इससे पहले वह जनवरी में श्रीलंका आए थे और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की थी।

Related Articles

Back to top button