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किसान आंदोलन: 15वें दिन भी जारी है किसानों का प्रदर्शन, 12 दिसंबर को दिल्ली-जयपुर हाईवे व दिल्ली-आगरा हाईवे करेंगे जाम

नई दिल्ली: 3 केंद्रीय कृषि कानूनों की खिलाफ पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत आधा दर्जन रा्ज्यों के किसानों का धरना बृहस्पतिवार को 15वें दिन में प्रवेश कर गया है। इस धरना-प्रदर्शन से दिल्ली से यूपी और हरियाणा के दर्जनभर रास्ते सील हैं, जिससे लोगों को दिक्कत पेश आ रही है। दिल्ली से सटे टीकरी  बॉर्डर, सिंघु बॉर्डर के साथ दिल्ली-यूपी गेट पर भी किसान डटे हुए हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं, जिस तरह से किसानों और केंद्र सरकार के बीच गतिरोध कायम है, उससे लगता नहीं है कि आने वाले कुछ दिनों में हालात में सुधार होगा। वहीं, इससे पहले बुधवार को सिंघु बॉर्डर पर किसान संगठनों ने बैठक के बाद केंद्र सरकार की तरफ से भेजे गए प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इतना ही नहीं प्रदर्शन को तेज करने की कड़ी में किसान नेताओं ने घोषणा की है कि कि वे 12 दिसंबर को दिल्ली-जयपुर हाइ-वे और दिल्ली-आगरा हाइ-वे को जाम करेंगे। किसान नेताओं ने कहा कि उनके संगठन के कार्यकर्ता 14 दिसंबर को देशभर में भाजपा के दफ्तरों के सामने विरोध प्रदर्शन करेंगे।

वहीं, बुराड़ी के निरंकारी समागम मैदान में इक्ट्ठा हुए किसानों ने सरकारी सुविधाओं के इस्तेमाल से इनकार कर  दिया। किसान नेता ने कहा कि संघर्ष हमेशा लोगों की अपनी क्षमताओं पर किया जाता है। हम सहानुभूति रखने वालों से मदद लेते हैं लेकिन सरकारों से नहीं। सरकारें केवल वोट हासिल करने के लिए काम करती हैं।

केंद्र सरकार की ओर से बुधवार को कानूनों में बदलाव का प्रस्ताव किसानों को भेजा गया था। वहीं, सरकार के प्रस्ताव पर फैसला लेने के लिए सिंघु बॉर्डर पर किसानों से चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि किसान संगठन तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को रद करने की मांग पर अड़े हैं।

नोएडा के सेक्टर 95 स्थित दलित प्रेरणा स्थल में कृषि कानून के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के कार्यकताओं ने रस्साकशी के जरिये अपना विरोध प्रकट किया। किसान पिछले आठ दिन से पार्क में बैठे हैं। किसानों की मांग है कि सरकार सभी फसल की एमएसपी दरें निर्धारित करके किसान आयोग का गठन करें।

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