ब्रेकिंग
पंजाब में राहत कार्य जोरो पर: पिछले 24 घंटों में 4711 बाढ़ पीड़ित सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाए गए पंजाब में आपदा के बीच सेवा की मिसाल: आम आदमी पार्टी यूथ और महिला विंग बाढ़ राहत में सबसे आगे, मुश्कि... कृषि मंत्री ने मुख्य कृषि अफ़सरों के साथ वीडियो कान्फ़्रेंस के द्वारा बाढ़ प्रभावित जिलों की स्थिति का ... जीएसटी दर तार्किकरण के तहत राज्यों की वित्तीय स्थिरता के लिए मजबूत मुआवजा ढांचा तैयार किया जाए – हरप... मुख्यमंत्री की ओर से पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए उच्... बाढ़ के बीच ‘आप’ विधायक ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप आदर-सम्मान से सुरक्षित पहुंचाया, सीएम,... दरभंगा में PM मोदी पर अभद्र टिप्पणी करने वाला गिरफ्तार, कांग्रेस से है जुड़ा देश के लिए सिर कटा देंगे, लेकिन सत्ता के लिए समझौता नहीं करेंगे- केजरीवाल ने साधा बीजेपी पर निशाना PM मोदी पर टिप्पणी कांग्रेस-RJD की निंदनीय हरकत, राहुल गांधी माफी मांगे- भजनलाल शर्मा जम्मू में कुदरत का त्राहिमाम: बारिश से मची तबाही में 45 की मौत, उजड़े सैकड़ों आशियाने… स्कूल-कॉलेज ब...
देश

सीमा विवाद सुलझाने के लिए राजनीतिक वार्ता आगे बढ़ाने के लिए डोभाल और वांग यी करेंगे बातचीत

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में सेनाओं के पीछे हटने के बाद भारत और चीन राजनीतिक वार्ता को आगे बढ़ाएंगे। भारत की ओर से नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (Ajit Doval) और चीन की ओर से वार्ता का नेतृत्व विदेश मंत्री एवं स्टेट काउंसिल वांग यी (Wang Yi) करेंगे। दोनों पड़ोसियों के बीच सीमा विवाद सुलझाने के लिए दोनों विशेष प्रतिनिधि हैं। समाचार एजेंसी एएनआइ ने एक अंग्रेजी दैनिक की रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि दोनों देशों के बीच इस मसले पर बैक चैनल से बातचीत जारी भी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि विशेष प्रतिनिधियों के बीच बैक चैनल के जरिए हो रही बातचीत में यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी पक्ष 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर एकतरफा तरीके से पूर्वस्थिति में बदलाव नहीं करेगा। यही नहीं सीमा से लगे सभी स्थानों पर पूर्वस्थिति बहाल की जाएगी। समाचार एजेंसी आइएएनएस के मुताबिक डोभाल और वांग यी ने सात जून, 2020 को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात की थी। दोनों विशेष प्रतिनिधि भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी संपर्क में थे।

सनद रहे एलएसी पर तनाव के बीच भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर राजनयिक स्तर पर बात करते रहे हैं। यह समझा जाता है कि भारतीय पक्ष ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह एलएसी से संबंधित सभी बकाया मसलों को सुलझाने के लिए एक सकारात्मक माहौल पर चर्चा के लिए तैयार है। एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि हमने बता दिया है कि चीन द्वारा पैंगोंग त्सो पर यथास्थिति बहाल करके सकारात्मकता पैदा करने के बाद दोनों पक्ष एक साथ बैठ सकते हैं। यही नहीं एलएसी से जुड़े मसले पर मतभेदों को हल करने की दिशा में काम भी कर सकते हैं।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि भारत की ओर से यह स्‍पष्‍ट कर दिया गया है कि चीन की सेना यानी पीएलए बल का इस्तेमाल करता है तो कोई बातचीत नहीं हो सकती है। राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाकारों के अनुसार द्विपक्षीय संबंधों में आगे बढ़ने के लिए एक सकारात्मक माहौल बनाना चीन पर निर्भर करता है। भारत और चीन के संबंधों में पंगोंग त्सो से सेनाओं की वापसी के बाद गति मिली है। विश्‍लेषकों का कहना है कि भारत में उम्मीद की जा रही है कि सेनाओं की पूर्ण वापसी के बाद संबंधों को सामान्‍य बनाने में मदद मिलेगी।

Related Articles

Back to top button