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Rakesh Tikait की केंद्र सरकार को चेतावनी, फसल कटने के बाद 40 लाख ट्रैक्टर करेंगे दिल्ली कूच

नई दिल्ली/जयपुर। तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को रद कराने की मांग को लेकर दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर चल रहा किसानों का आंदोलन बुधवार को 91वें दिन में प्रवेश कर गया है। इस बीच दिल्ली-एनसीआर 3 अन्य बॉर्डर टीकरी, शाहजहांपुर और गाजीपुर बॉर्डर पर भी बड़ी संख्या में किसान कृषि कानून रद कराने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। वहीं, जयपुर दौरे के दौरान भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत मंगलवार को एलान किया है कि गेंहू की फसल कटने के बाद 40 लाख ट्रैक्टर दिल्ली कूच करेंगे।

बता दें कि किसान नेता राकेश टिकैत मंगवलार को राजस्थान के दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने यहां दो जिलों में किसानों को संबोधित किया । चूरू के सरदारशहर में किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन आने वाले बरसात के मौसम में भी जारी रहेगा। ये आंदोलन तब तक चलेगा, जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं ले लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर कानून बनाने तक किसान संघर्ष करेंगे। फसल कटाई के बाद किसान दिल्ली कूच करेंगे।

इस दौरान राकेश टिकैत ने कहा कि अब 40 लाख ट्रैक्टर दिल्ली जाएंगे । उन्होंने कहा कि सभी 40 लाख ट्रैक्टर 19 साल पुराने होंगे, क्योंकि केंद्र सरकार ने पुराने ट्रैक्टरों के इस्तेमाल पर रोक लगा रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नये ट्रैक्टर खरीदने को किसान को मजबूर करने के लिए रोक लगाई गई है। उन्होंने कहा कि राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश में जातिवाद समीकरण बहुत गहरे हैं, इसलिए राजनीतिक और जातिवाद की बात नहीं की जाए, सिर्फ किसान की बात हो। किसान की कोई जाति नहीं होती। उन्होंने किसानों से कहा कि आप आंदोलन को जिंदा रखिए । उन्होंने कहा कि हल चलाने वाला अब हाथ नहीं जोड़ेगा। किसानों से कहा कि अब अगर किसी अधिकारी के पास जाओ तो यही नारा बोलना।

केंद्र को कोसा

उन्होंने केंद्र सरकार को लूटेरों की सरकार बताते हुए कहा कि देश के किसान और मजदूर को चंद पूंजीपतियों का गुलाब बनाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है । अनाज को पूंजिपतियों की तिजोरी में बंद करने का तानाबाना बुन दिया गया है। केंद्र सरकार चाहती है कि खेती किसान करे अैर मुनाफा उनकी चहेती कंपनियां कमाएं।

बता दें कि राकेश टिकैत की यात्रा का पूरा कार्यक्रम कांग्रेस और माकपा नेताओं की ओर से तय किया गया। इस मौके पर कांग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया और वरिष्ठ नेता रामेश्वर डूडी ने भी किसानों को संबोधित किया ।

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