ब्रेकिंग
Aman Arora on Ram Mandir Donation: अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर गरमाई सियासत, आप नेता अमन अर... Farooq Abdullah on Article 370: फारूक अब्दुल्ला का बड़ा बयान, सुप्रीम कोर्ट का फैसला गैर-कानूनी— जम्... AISA Leader Neha Bora Delhi High Court: छात्र नेता नेहा बोरा ने दिल्ली हाई कोर्ट में दी पुलिस नोटिस ... Alwar Love Story Murder: अलवर में लिव-इन में रह रही 5 महीने की प्रेग्नेंट प्रेमिका की पीट-पीटकर हत्य... Darjeeling Black Deer Sighting: पश्चिम बंगाल के डाउ हिल जंगलों में दिखा दुर्लभ काला हिरण, पर्यटकों औ... Noida EWS LIG Flats: नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र में सस्ते घर पाने का मौका, बिल्डरों को रखन... Bagaha Kidnapping Case: बिहार के बगहा में 9 साल के बच्चे का अपहरण और 20 लाख की फिरौती मांगने वाले 4 ... IGI Airport Gold Smuggling: दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की बड़ी कार्रवाई, 4.03 करोड़ का सोना जब्त Tiger Shroff Car Firing: मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग, राजस्थान के कोटा... Manipur Violence News: इंफाल में सीएम आवास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने रखा शव, भीड़ को हटाने के लिए प...
देश

भारतीय मूल के विदेशी नागरिक बनेंगे ब्रांड इंडिया के एंबेसडर, दोगुनी गति से जारी किए जा रहे ओसीआइ कार्ड

नई दिल्ली। सरकार भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को ब्रांड इंडिया के नए एंबेसडर बनाएगी। सरकार का मानना है कि अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में सफलता के झंडे गाड़ने वाले भारतीय मूल के नागरिक ब्रांड इंडिया को स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। सरकार बड़े पैमाने पर ओसीआइ (ओवरसीज सिटीजन आफ इंडिया) कार्ड जारी कर भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को जड़ों से जोड़ने की कोशिश में जुट गई है।

जारी किए जा रहे ओसीआइ कार्ड

ध्यान देने की बात है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने हाल में भारतीय मूल के अमेरिकियों के अमेरिका में हर क्षेत्र में नेतृत्व हासिल करने की बात कही थी। विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के नागरिकों को जड़ों से जोड़ने की मुहिम में तेजी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जहां 2014 के पहले हर साल लगभग एक लाख 71 हजार ओसीआइ कार्ड जारी किए जाते थे। वहीं, 2015 के बाद सालाना तीन लाख 24 हजार ओसीआइ कार्ड जारी किए जा रहे हैं

देश की जड़ों से जोड़ने की कोशिश 

ओसीआइ कार्ड जारी करने की गति दोगुनी हो गई है जिसे और भी बढ़ाया जाएगा। सरकार की कोशिश भारतीय मूल के अधिक से अधिक विदेशी नागरिकों को ओसीआइ कार्ड जारी कर उन्हें देश की जड़ों से जोड़ने की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अभी तक लगभग 37 लाख 34 हजार ओसीआइ कार्ड जारी किए गए हैं, जिनमें 20 लाख से अधिक कार्ड पिछले छह साल में जारी किए गए हैं। 2005 में नागरिकता कानून में संशोधन कर भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को ओसीआइ कार्ड जारी करने का काम शुरू हुआ था।

पूर्व अनुमति लेने के प्रविधान पहले से लागू

केंद्रीय गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ओसीआइ कार्डधारकों पर लगाए ताजा प्रतिबंध के आरोपों को खारिज किया। उनके अनुसार ओसीआइ कार्डधारकों के लिए भारत में तबलीगी, मिशनरी, पर्वतारोहण और पत्रकारिता से जुड़े काम करने के लिए सरकार से पूर्व अनुमति लेने के प्रविधान पहले से लागू हैं और इसके लिए समय-समय पर कार्यकारी आदेश जारी किए गए थे। अब उन्हीं कार्यकारी आदेशों को नियमों में शामिल कर अधिसूचित किया गया है

एनआरआइ के समान दिए गए अधिकार

अधिकारी ने कहा कि सरकार ओसीआइ कार्डधारकों पर प्रतिबंध लगाने के बजाय उन्हें अधिक से अधिक सुविधाएं मुहैया कराने की कोशिश कर रही है। इसके तहत उन्हें विदेश में रहने वाले भारतीय नागरिक (एनआरआइ) के समकक्ष कई सुविधाएं दी भी गई हैं। इनमें नीट, जेईई जैसी परीक्षाओं में एनआरआइ के समान बैठने का अधिकार दिया गया है। इसी तरह मेडिकल कालेजों व अन्य संस्थाओं में एनआरआइ कोटे की सीटों का इस्तेमाल ओसीआइ कार्डधारक समान रूप से कर सकते हैं।

सरकार भारत में सुविधाओं का कर रही विस्तार

ओसीआइ कार्डधारकों को भारतीय नागरिकों के समान सुविधाएं देने में आ रही समस्या के बारे में वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारतीय संविधान में दोहरी नागरिकता का प्रविधान नहीं है। यही नहीं, अमेरिका जैसे कुछ देशों को छोड़ दें तो दुनिया के बहुत सारे देशों में दोहरी नागरिकता मान्य नहीं है। यदि भारत में सरकार ओसीआइ कार्डधारकों को भारतीय नागरिक मानती है तो संबंधित देश में उनकी नागरिकता खतरे में पड़ जाएगी। इसीलिए सरकार संबंधित देश की उनकी नागरिकता को सुरक्षित रखते हुए भी भारत में सुविधाओं का विस्तार कर रही है।

Related Articles

Back to top button