ब्रेकिंग
Swami Avimukteshwaranand on Gen Z: सादगी और मासूमियत ने दिला दिया मंत्री से इस्तीफा, मुख्य चुनाव आयु... Dewas Naka Flyover Indore: जाम से मिलेगी राहत, दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 तक शुरू होने की संभावना MP Shujalpur Incident: चौबे मार्ग पर डीजे के कंपन से गिरा पैतृक मकान का हिस्सा, शांति समिति के नियमो... Bhojshala Satyagrah Dhar: संत समाज हिंदू आस्था के इस केंद्र के लिए पूरी तरह समर्पित, मां सरस्वती की ... UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR चार्ज का विरोध: 2 अक्टूबर को 'नो UPI डे' मनाने की तैयारी में मोबाइल रिटे... Shahdol News: बिजली कटने से नाराज युवक शराब के नशे में ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ा, सब-स्टेशन में मचाया जमक... Bilaspur News: मस्तूरी के स्कूल में बड़ा हंगामा, लेक्चरर ने प्रिंसिपल से की गाली-गलौज और जान से मारन... Ujjain Simhastha 2028: विकास कार्यों के लिए सीएम मोहन यादव ने खुद तोड़ा अपना पैतृक मकान, कहा- जनहित ... Ganesh Visarjan Accident Bhind: भारी बारिश के बीच नदी में फिसले पैर, एनडीआरएफ की टीम भी अब तक नहीं ढ... MPPSC Success Story: असफलता से हार नहीं मानी, 5 बार नेट क्वालीफाई कर राजीव कुशवाहा ने हासिल किया मुक...
देश

Bengal Election में नेहा सिंह राठौर का लोकगीत वाला तड़का, ममता को बताया बंगाल का काल

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2020) के वक्‍त का ‘बिहार में का बा…’ (Bihar Me Ka Ba) लोकगीत गाकर सुर्खियों में रहीं बिहार की लोक गायिका नेहा सिंह राठौर (Neha Singh Rathore) अब पश्चिम बंगाल चुनाव (West Bengal Assembly Election 2021) के मैदान में तृणमूल कांग्रेस (TMC) अध्‍यक्ष व मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के खिलाफ ताल ठोक रहीं हैं। चुनाव के साथ होली (Holi) का भी माहौल है, इसलिए उनके नए चुनावी लोकगीत (Election Folk Song) में दोनों के रंग हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए अपने लोकगीत में नेहा ममता बनर्जी को ‘बंगाल का काल’ बताती हैं। साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) का ‘राम का मुद्दा’ भी उठा रहीं हैं।

सत्ता विरोधी लोक गीतों के लिए जानी जाती हैं नेहा

विदित हो कि नेहा सिंह राठौर अपने कटाक्ष करते सत्ता विरोधी लोक गीतों के लिए जानी जाती हैं। ज्‍यादा दिन नहीं हुए, जब नेहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को भी उनकी दाढ़ी को लेकर अपने गाने के माध्यम से घेरा था। बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्‍होंने बिहार में गरीबी, बेरोजगारी व भुखमरी को केंद्र में रखकर राज्‍य की नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की सरकार को निशाने पर लिया था।

ममता बनर्जी पर क्‍या है नेहा के लोकगीत में, जानिए

नेहा का नया लोकगीत होली के मूड में तथा ममता बनर्जी को केंद्र में रखकर है। वे कहतीं हैं- ‘दीदी बंगाल के होई गैलू तू काल, बोलो सा रा रा रा…। बांग्लादेसियन के स्वर्ग बंगाल, अपने लोगन के कैलू कंगाल, बोलो सा रा रा रा…। नेहा के गीत में आगे ममता बनर्जी के गुस्‍सा पर कटाक्ष हैं- ‘दीदी नाके पे गुस्‍सा, काटेलू बवाल, बोलो सा रा रा रा…। गाने में ममता बनर्जी को तानाशाह भी बताया गया है। यह भी कहा गया है कि बंगाल की जनता उनकी रंगाबजी से परेशान है

नेहा के गीत में शामिल है भगवान राम का भी मुद्दा

नेहा के गीत में बीजेपी के एजेंडा भगवान राम का मुद्दा भी उठाती हैं। ममता को घेरते हुए फरमातीं हैं- ‘खाली दाल-भात से दाल ना गली, हमरे राम के विरोध तोहरा ना फली, बोलो सा रा रा रा…। विदित हो कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार कहते रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में राम का नाम लेना मुश्किल हो गया है।

गीत से बिहार चुनाव के वक्‍त खड़ा हुआ था विवाद

इसके पहले नेहा सिंह राठौर बिहार विधानसभा चुनाव के वक्‍त विवादों में आईं थीं। तब बिहार में विकास के मुद्दे को घेरते हुए उनका गीत ‘बिहार में का बा…’ वायरल हो गया था। नेहा के गीत को विपक्षी महागठबंधन (Mahagathbandhan) ने हथियार बनाकर राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को निशाने पर लिया था। उधर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी ‘बिहार में ई बा…’ (Bihar Me Ee Ba) गाना से पलटवार किया था।  बीजेपी ने जवाब में कई वीडियो बनाए थे।

Related Articles

Back to top button