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बलूचिस्तान में एक महिला नौकरशाह का 36 दिनों के भीतर 4 बार तबादला, जानें क्या रही वजह

बलूचिस्तान। बलूचिस्तान प्रांत में एक महिला नौकरशाह का 36 दिनों के भीतर चार बार तबादला करने की खबर सामने आई है। हालांकि, अधिकारियों ने महिला के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव को खारिज कर दिया है। जियो न्यूज ने इसकी जानकरी दी।

फरीदा तरीन नाम की इस महिला अधिकारी को सबसे पहले 11 फरवरी को सहायक आयुक्त क्वेटा के रूप में नियुक्त किया गया था। इस साल 11 फरवरी से 16 मार्च तक इस महिला को चार पॉजिशन के लिए अलग-अलग जगह पोस्ट किया गया। इसके बाद अगले ही दिन उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गई और 16 फरवरी को उसे प्रशासन विभाग में अनुभाग अधिकारी तीन के रूप में नियुक्त किया गया। इसके साथ ही 25 फरवरी को उन्हें सेवा और सामान्य प्रशासन विभाग में अनुभाग अधिकारी एक के रूप में तैनात किया गया। इसके बाद 16 मार्च को उन्हें अनुभाग अधिकारी वाणिज्य और उद्योग के रूप में नियुक्त किया गया।

महिला अधिकारी के खिलाफ भेदभाव की धारणा को खारिज करते हुए बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता लियाकत शाहवानी ने कहा कि तबादले एक “नौकरी का हिस्सा” हैं। हालांकि, प्रवक्ता ने अधिकारी के खिलाफ भेदभाव के मामले से इनकार किया, लेकिन व्यापक सबूत बताते हैं कि पाकिस्तान में महिलाएं रोजमर्रा की जिंदगी में समस्याओं का सामना कैसे करती हैं। जियो न्यूज ने इसकी जानकारी दी है।

 बता दें कि पाकिस्तान ने ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स 2018 में महिलाओं के लिए दुनिया का छठा सबसे खतरनाक देश और लैंगिक समानता के मामले में दुनिया में दूसरा सबसे खराब (148 वें स्थान पर) स्थान पर बताया था।  पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता अनिला गुलजार ने एक लेख में कहा ‘पाकिस्तान और चीन में महिलाओं का जीवन’ में इसकी जानकारी दी थी। अपने आर्टिकल में गुलजार ने बताया था कि पाकिस्तान में महिलाएं भी कार्यस्थल पर सड़क पर और परिवार के पुरुष सदस्यों द्वारा यौन उत्पीड़न का सामना करती हैं। अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के आंकड़ों के अनुसार, पुरुष और महिला कर्मचारियों के बीच की खाई दुनिया में सबसे चौड़ी है। औसतन, पाकिस्तान में महिलाएं पुरुषों की तुलना में 34 फीसदी कम कमाती हैं।

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