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कोरोना के खिलाफ खरी निकली एस्ट्राजेनेका वैक्सीन, ताजा अमेरिकी ट्रायल में पाई गई 76% असरदार

लंदन। कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में तमाम आशंकाओं के बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। एस्ट्राज़ेनेका(AstraZeneca) ने गुरुवार को बताया कि उसकी वैक्सीन कोरोना वायरस के खिलाफ काफी असरदार है। एस्ट्राज़ेनेका(AstraZeneca) ने बताया कि उसकी वैक्सीन कोरोना बीमारी को रोकने के लिए 76% प्रभावी है। एस्ट्राज़ेनेका ने बताया कि ताजा अमेरिकी ट्रायल में उसकी वैक्सीन 76 फीसद तक प्रभावी पाई गई है।

इससे पहले अमेरिका और दो दक्षिण अमेरिकी देशों में ब़़डे पैमाने पर किए गए एक परीक्षण में यह वैक्सीन कोरोना के खिलाफ 79 फीसद प्रभावी पाई गई थी। जबकि गंभीर संक्रमण की रोकथाम में 100 फीसद खरी साबित हुई है। ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका कंपनी की ओर से विकसित इस टीके का उत्पादन भारत के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा भी किया जा रहा है।

अमेरिकी परीक्षण में वैक्सीन सभी उम्र और समुदाय के लोगों में समान रूप से प्रभावी साबित हुई है। 65 साल और इससे ज्यादा उम्र के प्रतिभागियों में वैक्सीन 80 फीसद असरदार मिली है। इससे पहले एस्ट्राजेनेका की ओर से अमेरिका, चिली और पेरू में भी कराए गए तीसरे चरण के ट्रायल में यह वैक्सीन सुरक्षित और उच्च स्तर पर प्रभावी पाई गई है। इससे पहले ब्रिटेन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका में भी इस टीके का परीक्षण किया गया था। इसमें भी यह वैक्सीन कोरोना के खिलाफ असरदार पाई गई थी।

ट्रायल में शामिल रहे 32 हजार लोग

एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के ट्रायल में 32 हजार से ज्यादा लोगों को शामिल किया गया था। इनको वैक्सीन की दो खुराक दी गई थी। दोनों डोज में चार हफ्ते का अंतराल रखा गया था।

कनाडा ने जारी किया बयान

कनाडा के स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि उसके यहां एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन काफी कारगर पाई गई है। लेकिन कनाडा ने साथ ही बताया है कि  AstraZeneca COVID-19 का टीका सुरक्षित है, लेकिन उसने साथ ही कहा है कि इसमें खून का थक्का जमने का खतरा है।

बता दें कि ट्रायल के ये नतीजे ऐसे समय सामने आए हैं, जब इस महीने की शुरुआत में कई यूरोपीय देशों में इस वैक्सीन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई थी। कुछ खबरों में खून का थक्का बनने से इस टीके को जोड़ दिया गया था। हालांकि बाद में सुरक्षित पाए जाने पर टीकाकरण बहाल कर दिया गया था।

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