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अस्पतालों में खत्म हो रही जीवन दायिनी आक्सीजन, प्रबंधन लगा रहा सरकार से मुहैया कराने की गुहार

नई दिल्ली। राजधानी के तमाम अस्पतालों में जीवन दायिनी आक्सीजन की कमी बनी हुई है। कभी कोई अस्पताल अपने यहां आक्सीजन की कमी बताकर शासन से उसे मुहैया कराने की मांग करता है तो कभी कोई अस्पताल। दिल्ली के अलावा एनसीआर के अस्पतालों में भी आक्सीजन की कमी देखने को मिल रही है। आलम ये हो गया है कि कुछ गैर सरकारी संस्थाओं को भी अब आक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए मदद करनी पड़ रही है। इंदिरापुरम के एक गुरूद्वारे के बाहर शुरू किया गया आक्सीजन लंगर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।

तमाम जगहों पर आक्सीजन की कमी बनी हुई है। लोग आक्सीजन के लिए परेशान है। रविवार की सुबह भी कुछ अस्पतालों ने इंटरनेट मीडिया का इस्तेमाल करते हुए ये सूचना दी कि उनके पास मात्र कुछ घंटे की आक्सीजन बची हुई है। उनके यहां मरीज भर्ती है। यदि आक्सीजन नहीं मिलती है तो ऐसे मरीजों की जान पर आफत बन आएगी। पेंटामेड अस्पताल की ओर से बताया गया कि उनके पास सिर्फ 1.5 घंटे का मेडिकल ऑक्सीजन बचा है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से कहा गया कि हमारे पास सिर्फ 1.5 घंटे की ऑक्सीजन बची हुई है। यहां करीब 60 मरीज भर्ती हैं, जिनमें 10-11 मरीज वेंटिलेटर पर हैं। उनको बहुत ज्यादा ऑक्सीजन चाहिए। हम लगे हैं कि कहीं से भी ऑक्सीजन मिल जाए। यदि आक्सीजन नहीं मिलती है तो समस्या होगी।

जयपुर गोल्डन अस्पताल के डॉ.डीके सलूजा ने बताया कि उनके पास गैस तो पहुंची है मगर उस हिसाब से गैस नहीं पहुंच रही है। जितनी गैस की मांग की गई उस हिसाब से गैस नहीं मिली है। सुबह गैस मिली है जो शाम तक चल पाएगी। शाम को फिर आक्सीजन की कमी हो जाएगी। मेरठ से गैस आनी थी, वहां से आई मगर जितनी मात्रा मांगी गई थी उतनी नहीं। उन्होंने बताया कि जब कम आक्सीजन सप्लाई के बारे में जानकारी करने के लिए वेंडर को फोन किया गया तो उसका फोन बंद मिला।

उधर दिल्ली के बड़े अस्पताल लोक नायक की ओर से जानकारी दी गई कि उनके पास भी मात्र दो घंटे की ऑक्सीजन बची है। यहां एक हजार से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। अस्पताल ने तत्काल मदद की गुहार लगाई है। सुबह 9 बजे आक्सीजन की मांग शुरू की गई तो 11.30 बजे के आसपास अस्पताल में आक्सीजन का सिलेंडर पहुंचाया गया।

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