डायटिशियन और आयुर्वेद की सलाह पर करें अमल, सेहत रहेगी फिट

रायपुर। सर्दी, खांसी, जुकाम से बचने के लिए कफवर्धक पदार्थ का सेवन न करें। कोल्ड ड्रिंक्स, आइस्क्रीम, फ्रीज का ठंडा पानी न लें। एयरकंडीशनर का उपयोग कम करें। केला, मांस, ज्यादा मीठा का सेवन करने से कफ बनता है। इसके अलावा दिन में न सोएं, ज्यादा देर तक एक ही जगह पर न बैठें। सुबह, शाम योग, प्राणायाम अवश्य करें। कफ का नाश करने के लिए संतुलित आहार लें। कोरोना बीमारी जल्द ठीक होगी। तीखा और कड़वा, रसयुक्त भोजन करें।
आयुर्वेद कॉलेज बिलासपुर के रोग निदान विभाग के डॉ. अमित नामपल्लीवार का कहना है कि गर्म पानी, हल्का गर्म भोजन, सब्जियाें में परवल, तुरई, लौकी, मैथी, करेला, कड़वे रस वाली अन्य सब्जियां खाएं। तुलसी, अजवाइन, लौंग को गरम पानी में डालकर भाप लें। पैदल अवश्य चलें।
लॉकडाउन में बाहर निकलना मना है इसलिए छत पर टहलें। डायबिटिज के मरीज अपनी दवाइयां नियमित लें। आयुर्वेद औषधि में गिलोय, कड़वा नीम, अदरक, दालचीनी का सेवन करें। नाक में औषधि द्रव्य डालें। वमन यानी उल्टी करें। पंचकर्म करने से बेकार की चीजें बाहर आती है और शरीर स्वस्थ रहता है।
इधर, डायटिशियन की सलाह-सुबह से रात तक सही आहार लें, स्वस्थ रहेंगे
डायटिशियन रेणुका का कहना है कि जब तक हमारा खानपान सही नहीं होगा तब तक शरीर स्वस्थ नहीं रहेगा। सुबह से रात तक का मेन्यू चार्ट बनाकर हमें आहार लेना चाहिए। सुबह छह बजे गर्ग पानी में नींबू निचोेड़कर लें। सात बजे ग्रीन टी, ब्लैक टी या काढ़ा पीएं। साथ में दो बिस्किट खाएं। नौ बजे नाश्ता में इडली, उपमा, पोहा जैसा हल्का आहार लें। 11 बजे मौसमी फल तरबू, खरबूजा, बादाम खाएं और एक नारियल पानी पीएं। उबला अंडा भी फायदेमंद है।
दोपहर एक बजे हरी पत्तेदार सब्जी युक्त भोजन में दो कटोरी मिक्स दाल छिलका समेत सेवन करें। साथ ही सोयाबीन, पनीर सलाद भी लें। दही में एक चम्मच अलसी का पाउडर डालकर सेवन करें। आंवला सूखा या मुरब्बा किसी भी रूप में लें। शाम को चार बजे काढ़ा पीएं। ग्रीन टी लें।
इसके पश्चात छह बजे ब्राउन ब्रेड, सेंडविच, मुरमुरा का सेवन करें। रात्रि नौ बजे हल्का भोजन लें। इसमें दाल, एक सब्जी, खिचड़ी, दलिया खाएं। भूख से कम खाएं लेकिन एकदम ही खाली पेट ना रहें। सोते समय हल्दी डालकर दूध पीएं। इससे इम्यूनिटी बढ़ेगी और रोगों से लड़ने की शक्ति मिलेगी।






