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कोरोना की दूसरी लहर ढलान पर, इकोनॉमी में तेजी के संकेत, टीकाकरण आर्थिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी

नई दिल्ली। देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमणियन ने कहा है कि कोरोना की दूसरी लहर ढलान पर है, इकोनॉमी पर इसका खास असर नहीं हुआ है और आर्थिक रिकवरी के संकेत मिलने लगे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि टीकाकरण लोगों के साथ-साथ देश के आर्थिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है।

सामान्य स्थिति होते ही आर्थिक विकास को मिलेगी गति 

स्थिति के सामान्य होते ही बजट में घोषित पूंजीगत खर्च और इन्फ्रास्ट्रक्चर व्यय पर काम शुरू हो जाएगा जिससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी। पिछले कुछ दिनों से ईवे बिल और बिजली की खपत में उछाल दिख रहा है। गैर खाद्य क्षेत्र के कर्ज में वर्ष 2019 के मुकाबले दहाई अंकों की बढ़ोतरी दिख रही है।

शेयर बाजार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं

आर्थिक सुधार पटरी पर आता देख शेयर बाजार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस दोनों ही पीएमआई इंडेक्स विस्तार मोड में है। ये सभी मानक फिर से अर्थव्यवस्था में रिकवरी को दर्शा रहे हैं।

कोरोना की दूसरी लहर का चरम मध्य मई में पहुंच चुका

मुख्य आर्थिक सलाहकार के अनुसार पहले माना जा रहा था कि कोरोना की दूसरी लहर का चरम जून में आएगा। लेकिन वह मध्य मई में चरम पर पहुंच चुका है और अगले महीने से स्थिति सामान्य होने लगेगी।

दूसरी लहर का अर्थव्यवस्था पर गहरा असर नहीं

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान पहली लहर की तरह देशव्यापी लॉकडाउन नहीं लगाया गया और लोग कोरोना से वाकिफ हो चुके थे। वहीं, इस साल मार्च तक अर्थव्यवस्था में रिकवरी दिख रही थी। इसलिए दूसरी लहर का अर्थव्यवस्था पर गहरा असर नहीं दिखेगा।

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