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कुलभूषण जाधव मामले में इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने सुनवाई 5 अक्टूबर तक टाली, भारतीय उच्चायोग के वकील को पेश होने को कहा

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की इस्लामाबाद हाई कोर्ट (IHC) ने  देश अटॉर्नी जनरल (AGP) खालिद जावेद खान के अनुरोध पर मौत की सजा पाए भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के लिए एक वकील नियुक्त करने की सरकार की याचिका पर सुनवाई 5 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी है। द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार कोर्ट ने भारतीय उच्चायोग के वकील को सुनवाई की अगली तारीख पर अदालत के समक्ष पेश होने का नोटिस भी जारी किया। 7 मई को मामले की आखिरी सुनवाई में इस्लामाबाद हाई कोर्ट की बड़ी बेंच ने भारत को 15 जून तक जाधव के लिए एक वकील नियुक्त करने का एक और मौका दिया था।

सजा के खिलाफ अपील कर सकेंगे कुलभूषण जाधव

पिछले दिनों पाकिस्तान सरकार ने नेशनल असेंबली से एक ऐसा विधेयक पारित कराया, जिसके तहत भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को मौत की सजा के खिलाफ अपील का अधिकार दे दिया गया है। पाकिस्तानी संसद के निचले सदन ने गत हफ्ते गुरुवार को आइसीजे (समीक्षा और पुनर्विचार) विधेयक 2020 को मंजूरी दे दी। इस विधेयक में अंतरराष्ट्रीय अदालत (आइसीजे) के आदेश के अनुसार जाधव को राजनयिक पहुंच देने की भी इजाजत दी गई है।

जासूसी के आरोप में सैन्य अदालत ने सुनाई थी मौत की सजा

सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना अधिकारी जाधव को अप्रैल 2017 में एक पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने जासूसी और आतंकवाद के आरोप में मौत की सजा सुनाई थी। भारत ने जाधव को राजनयिक पहुंच से इन्कार करने और मौत की सजा को चुनौती देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ आइसीजे का दरवाजा खटखटाया था।

आइसीजे ने सजा की समीक्षा का सुनाया था फैसल

हेग स्थित आइसीजे ने जुलाई 2019 में फैसला सुनाया कि पाकिस्तान को जाधव की सजा की प्रभावी समीक्षा करनी चाहिए और बिना किसी देरी के राजनयिक पहुंच प्रदान करना चाहिए। आइसीजे ने अपने फैसले में पाकिस्तान से जाधव को दी गई सजा के खिलाफ अपील के लिए एक उचित मंच प्रदान करने को भी कहा था।

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