कभी सड़क की दुर्दशा पर कांग्रेसी करते थे आंदोलन अब बैठे हैं आंखें मूंदे

खरसिया| समय-समय की बात है कि एक समय खरसिया की सड़कों पर कांग्रेस के नेताओं ने धान के पौधे रोपकर सड़क की दुर्दशा के लिए विरोध जताया था। परंतु अब इन सड़कों की बदहाली पर उनका ध्यान नहीं है जबकि यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। नगर की सड़कों पर इतने गड्ढे नजर आने लगे हैं कि रायगढ़ चौक से फागूराम तक सड़क को खोजना पड़ता है। स्थिति ऐसी है कि पैदल चलते वाले भी गिरकर घायल होने लगे हैं । भारी वाहनों के करण सड़क के गड्डे में भरे कीचड़ पानी आसपास से गुजरने वालों पर पड़ते हैं और लोगों के कपड़े गंदे करते हैं। ट्रकों की यह स्थिति है कभी टेढ़ी कभी सीधी कभी ब्रेक लगाते हैं। कभी पीछे मुड़कर देखते हैं कि कोई गुलला तो नहीं टूट गया । स्थिति इतनी विषम हो गई है कि डबरा से खरसिया आने के लिए अब लोग हाय तोबा करने लग गए हैं।
कभी एक दो ट्रक गिट्टी मुरूम डालकर वाहवाही लूटने वाले लोग भी नदातद हो गए हैं। हाल यह हैं कि रायपुर जाना रहता है तो रोड की दुर्दशा देखते हुए लोग अब चांपा होकर जाना उचित समझते हैं जबकि यह डीजल और पेट्रोल की खपत के लिहाज से कापᆬी महंगा पड़ने के साथ समय भी ज्यादा लेता है। लोग मरीज लाने में डर रहे हैं कि कही मरीज की मौत में ही न हो जाए।
सरकार कब इस ओर ध्यान देगी कब लोगों को राहत मिलेगी यह तो सरकार के नमूने ही जानेंगे कुछ दिन पूर्व हमाल पारा रोड की स्थित खराब थी परंतु अध्यक्ष महोदय नगर पालिका के सदस्यों को बार-बार उस सड़क पर जाने के लिए आना जाना पड़ा तो गंभीरता को देखते हुए पुनः विकास करने का ढोंग दिखाकर मरम्मत चालू कर दिया गया है पता नहीं यह रोड कितने दिन तक लोगों को राहत दिलाएगी