राज्यपाल की पहल से बलरामपुर जिले की दिव्यांग बेटी का रायपुर में होगा इलाज

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके से सोमवार को राजभवन में फुलमनिया ने अपनी दिव्यांग बेटी शशिप्रभा के साथ मुलाकात की। राज्यपाल को मीडिया के माध्यम से बलरामपुर जिले के एक छोटे से गांव करकली में रहने वाली सात वर्षीय शशिप्रभा के बारे में जब पता चला कि वह चलने फिरने और बोलने में असमर्थ है और सरगुजा में उसका इलाज नहीं हो पा रहा है। तब उन्होंने स्वत: संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन बलरामपुर को शशिप्रभा को उसके परिजनों के साथ राजभवन भिजवाने के निर्देश दिए, ताकि यहां के चिकित्सकों से परामर्श लेकर उसका इलाज कराया जा सके
शशिप्रभा के पिता की मृत्यु हो चुकी है और उनकी आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। इसलिए राज्यपाल उइके ने उसकी मां और साथ में आई मौसी कांता को आश्वासन दिया कि उनकी बेटी का हरसंभव इलाज कराया जाएगा। राज्यपाल की सहृदयशीलता से कांता और फुलमनिया की आंखों में आंसू आ गए। उन्होंने कहा कि हमने सोचा भी नहीं था कि रायपुर आकर हमारी बेटी का इलाज हो सकेगा। उन्होंने राज्यपाल को इसके लिए तहे दिल से धन्यवाद दिया।
जो व्यक्ति सकारात्मक रहता है, उसे अवश्य सफलता मिलती है: उइके
दुर्ग स्थित स्व.चंदूलाल चंद्राकर स्मृति मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों और पालकों ने सोमवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल अनुसुईया उइके का सम्मान किया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि जो व्यक्ति जीवन में सकारात्मक रहता है, उसे सफलता अवश्य मिलती है। हमेशा सकारात्मक भाव रखें, कभी भी नकारात्मक न रहें।
राज्यपाल ने कहा कि मुझे अलग-अलग दायित्व के रूप में काम करने का अवसर मिला। जब से मैंने छत्तीसगढ़ के राज्यपाल का दायित्व संभाला है, जो भी मेरे समक्ष राजभवन आया है, उसे न्याय दिलाने की हरसंभव कोशिश करती हूं। उन्होंने कहा कि चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थी मेरे समक्ष आए, तो मैं उनकी भावनाओं को समझा और उनकी मदद करने के लिए हरसंभव प्रयास किया।
उनकी समस्याओं को जानने के बाद मैंने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री को विभिन्न माध्यमों से आग्रह किया कि विद्यार्थियों की समस्या को गंभीरता से लें और समाधान करें। शासन ने इसके अधिग्रहण के लिए घोषणा की थी, लेकिन प्रक्रियाओं के चलते विलंब हो रहा था। तब मैंने शासन के अधिकारियों से इस संबंध में बात कर जल्द समाधान करने का निर्देश दिया, जिससे शासन ने जल्द कार्रवाई की।