मतांतरण के खिलाफ रणनीति बनाने में जुटे बिलासपुर सांसद सांसद अरुण साव, सत्र में उठाएंगे मुद्दा

रायपुर/बिलासपुर। रायपुर में अवैध बाल गृह में मध्यप्रदेश से बच्चों को लाकर मतांतरण कराए जाने के खेल का पर्दाफाश होने के बाद छत्तीसगढ़ में इस कुचक्र को लेकर सभी वर्गों की ओर से आवाज उठने लगी है। प्रदेश में मतांतरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आक्रामक मुद्रा में आ गई है। पार्टी का आरोप है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार का मतांतरण के मुद्दे पर मौन रहने से समुदायों के बीच टकराव के हालात बन रहे हैं। सेवा की आड़ में ईसाई मिशनरी आदिवासी, गरीब लोगों का धर्म परिवर्तन कराने में लगे हैं।
नईदुनिया द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेशभर में विरोध करना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं, छत्तीसगढ़ के भाजपा सांसदों ने छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहे मतांतरण के मुद्दे को मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में रखने की तैयारी शुरू कर दी है। बिलासपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद अरुण साव ने बताया इस इस मुद्दे पर प्रदेश के भाजपा सांसदों से उनकी बात हो गई है। सभी एक दूसरे के संपर्क में हैं। सत्र के दौरान सदन में अपनी बात पुरजोर तरीके से रखेंगे।
इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर छत्तीसगढ़ में मतांतरण के कारण बिगड़ते हालात से अवगत कराएंगे व हस्तक्षेप की मांग भी करेंगे। सांसद साव का कहना है कि इस मुद्दे पर उनके अलावा प्रदेश के सभी सांसदों की पैनी नजर है। हर एक परिस्थितियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। छत्तीसगढ़ में विधानसभा का मानसून सत्र भी प्रारंभ होने वाली है। भाजपा के विधायक इस मुद्दे को सदन में पुरजोर तरीके से उठाएंगे। मतांतरण गंभीर मुद्दा है।
इसकी अनदेखी नहीं कि जा सकती। मतांतरण पर प्रभावी तरीके से रोक नहीं लगाई गई तो राष्ट्रांतरण का खतरा पैदा हो जाएगा। राष्ट्र विरोधी ताकतों पर अंकुश लगाना आवश्यक है। सभी लोगों और वर्गों को इसके खिलाफ मजबूती से खड़ा होना होगा।





