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दिल्ली में स्कूल-कॉलेज खोलने को लेकर क्या बोले अभिभावक, पढ़िये- ट्विटर पर पोल के नतीजे

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के चलते दिल्ली के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक बहुत चिंतित हैं। अभिभावकों को डर है कि कहीं सरकार बच्चों के लिए स्कूलों को न खोल दे। अभिभावक चाहते हैं कि सरकार बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को फिलहाल न खोले। स्कूल खोलने से बच्चों में भी संक्रमण फैलने का खतरा रहेगा। दिल्ली अभिभावक संघ ने ट्विटर पर पोल के जरिए दिल्ली के अभिभावकों से राय मांगी की क्या दिल्ली में स्कूलों को खोला जाना चाहिए। जिसपर 77 फीसद अभिभावकों ने नहीं और कुल 23 फीसद अभिभावकों ने हां में जवाब दिया। अभिभावकों ने कहा कि बड़े बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है और छोटे बच्चों को कोरोना के नियमों की समझ नहीं। ऐसे में अगर स्कूल खोले जाते हैं तो बच्चों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी किसकी होगी। अभिभावकों ने कहा कि दो माह पहले कोरोना के मामलें बढ़ने पर दिल्ली की लचर स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत किसी से छुपी नहीं है। अब अगर सरकार बच्चों के स्वास्थ्य को जरा भी गंभीरता से देखती है तो स्कूलों को नहीं खोलेगी। उल्लेखनीय है कि शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने अभिभावकों से दिल्ली में स्कूल और कालेज खोले जाने को लेकर राय मांगी है।

अपराजिता गौतम (अध्यक्ष, दिल्ली अभिभावक संघ) की राय में कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए अभी स्कूलों को खोलना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं। क्योंकि दूसरी लहर में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव को सभी ने देखा। ऊपर से अभी बच्चों का टीका भी नहीं आया है। अगर फिर भी सरकार स्कूल खोलना चाहती है तो पहले कोर्ट में बच्चों के स्वास्थ्य की सारी जिम्मेदारी उठाने को लेकर शपथपत्र दे। शपथपत्र को सार्वजनिक करे और अभिभावकों की राय वोट के जरिये मांगे।

अभिभावकों की राय

दिल्ली के स्कूल में पढ़ने वाली बच्चों के पिता नितेश जैन का कहना है किमेरे दो बच्चे हैं। एक छठीं तो दूसरा नौवीं में है। जब तक बच्चों का टीकाकरण नहीं हो जाता तब तक बच्चों के लिए स्कूलों को नहीं खोला जाना चाहिए।

अभिभावक ज्योति दुआ की मानें तो मैं अपने दोनों बच्चों को अकेली ही संभाल रही हूं। दोनों द्वारका स्थित सेंट थामस स्कूल में पढ़ते हैं। फिलहाल कहीं पर भी बच्चों का टीकाकरण नहीं हो रहा, ऐसे में स्कूल नहीं खोले जाने चाहिए।

अभिभावक मनोज रावत ने बताया कि कोरोना की तीसरी लहर अगस्त या सितंबर में आने की आशंका है। दूसरी लहर में हम दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था देख चुके हैं। ऐसे में मेरा सुझाव है कि फिलहाल दिल्ली के स्कूल खोलने को लेकर जल्दबाजी न की जाए।

अभिभावक रिचा यादव का कहना है कि मेरा बच्चा 12वीं कक्षा में है। जब तक बच्चें का टीकाकरण नहीं हो जाता मैं बच्चे को स्कूल नहीं भेजूंगी। उम्मीद है सरकार बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता पर रखते हुए स्कूलों को फिलहाल नहीं खोलेगी।

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