स्कूल खुलने के दो दिन बाद ही टूटने लगा कोरोना का कहर,तीन स्कूलों में हुई पुष्टि

पत्थलगांव/बागबहार। सोलह माह बाद स्कूल के दरवाजे खुलने के साथ ही शिक्षा के मंदिर में कोरोना का कहर टूटने लगा है। जशपुर ब्लाक के लोदाम के एक सरकारी स्कूल के छात्र के कोरोना पाजिटिव होने की पुष्टि हुई है। जशपुर के बीईओ एचजेडयू सिद्दीकी ने पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दे दी गई है। उन्होनें बताया कि स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से स्कूल के छात्र और स्टाफ की जांच करवाई जा रही है,साथ ही संबंधित स्कूल के प्रधानपाठक को सर्दी,खांसी और बुखार जैसे लक्ष्ण वाले छात्रों को आवश्यक दवा देकर घर भेजने का सख्त निर्देश दिया गया है। वहीं,पत्थलगांव तहसील के दो स्कूलो में भी बुधवार को कोरोना का कहर टूटा है। यहां के बीईओ डीआर भगत ने बताया कि शासकीय प्राथमिक शाला मयूरनाचा में कार्यरत रसोईयां की पत्नी का कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आया है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत केराकछार के आश्रित गांव फुलैता के प्राथमिक स्कूल में एक शिक्षिका के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। उन्होनें बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और स्वास्थ्य परीक्षण शुरू कर दिया गया है।
एक से अधिक मामला आने पर बंद होगें स्कूल
स्कूल में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के संबंध में नईदुनिया ने जब कलेक्टर महादेव कावरे से बात की तो उन्होनें बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारियों को स्कूलों का सतत निरीक्षण करने की सख्त हिदायत दी गई है। उन्होनें बताया कि जिन स्कूलों में पाजिटिव प्रकरण पाएं जा रहें हैं। वहां स्वास्थ्य विभाग की टीम विद्यार्थियों के साथ स्टाफ का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवा दे रही है। किसी स्कूल में एक से अधिक प्रकरण पाएं जाने पर इलाके को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर,स्कूल को बंद करने की कार्रवाई की जाएगी।
पहले ही दिन उजागर हुई थी लापरवाही
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर जशपुर सहित पूरे प्रदेश में 2 अगस्त से स्कूलों के दरवाजे खोले गए हैं। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के खतरे के बीच खोले गए स्कूलों में कोविड 19 प्रोटोकाल की लंबी सूची सरकार ने जारी की है। लेकिन पहले ही दिन स्कूलों में इसे लेकर घोर लापरवाही देखने को मिली थी। शाला प्रवेश उत्सव के नाम पर आयोजित स्वागत समारोह में शारीरिक दूरी की जमकर धज्जियां उड़ाई गई थी। इस आयोजन की आपाधापी में जिम्मेदार अधिकारी स्कूल का निरीक्षण छोड़ समारोह की व्यवस्था में व्यस्त हो गए थे। इस स्थिति की खबर को नईदुनिया ने 3 अगस्त के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। बहरहाल दो दिन के अंतराल में ही स्कूलों से आ रही कोरोना संक्रमण की रिपोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी है।
ऐसे रूक सकेगा संक्रमण
पत्थलगांव के विकासखंड शिक्षाधिकारी डी आर भगत ने बताया कि शिक्षिका के संक्रमित पाए जाने वाले प्राथमिक स्कूल में उपस्थित सभी लोगों का एक साथ मौके पर ही टेस्ट कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यदि कोई संक्रमित पाया जाता है तो उसे दवाएं और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। परंतु जानकारों की मानें तो क्योंकि संक्रमित पाई गई शिक्षिका बीते दो दिनों से कक्षाएं ले रही थी। ऐसे में यदि बच्चों में या उपस्थित अन्य लोगों में संक्रमण हुआ भी होगा तो वह अभी टेस्ट में पकड़ नहीं आएगा क्योंकि संक्रमण के उपरांत इसका असर आने में कम से कम 5 से 6 दिन लग सकते हैं। ऐसे में अभी जांच होने पर निगेटिव आने के बावजूद शिक्षिका के संपर्क में आए हुए लोगों के पाजिटिव होने की संभावना बनी रह सकती है जिससे संक्रमण का खतरा आगे भी बना रह सकता है। लोगों ने भी परिस्थिति को देखते हुए मांग रखी है कि कुछ दिनों के लिए स्कूलों को बंद रखने के बाद ही टेस्ट करना चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सके।
वर्जन
स्कूलों में कोविड प्रोटोकाल का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है। शिक्षा विभाग सहित दूसरे विभाग के अधिकारियों को स्कूलों का सतत निरीक्षण करने को कहा गया है। जिन स्कूलों में पाजिटिव प्रकरण आ रहें हैं,स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी गई है। रिपोर्ट आने पर आवश्यक हुई तो माइक्रोकंटेनमेंट जोन घोषित किया जाएगा।
महादेव कावरे,कलेक्टर,जशपुर
लोदाम के एक स्कूल में छात्र के संक्रमित होने की जानकारी मिली है। इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दे दी गई है।
एमजेडयू सिद्दीकी,बीईओ,जशपुर






