ब्रेकिंग
महाशिवरात्रि 2026 पर बरसेगी महादेव की विशेष कृपा, इन 2 शुभ योगों में पूजा करने से मिलेगा दोगुना फल शैंपू के बाद भी बाल हो जाते हैं ऑयली? अपनाएं ये 5 आसान टिप्स, चिपचिपेपन से मिलेगा छुटकारा हुमायूं कबीर ही असली TMC", बीजेपी नेता का ममता बनर्जी पर बड़ा हमला- कहा: कट्टरपंथियों के सामने झुक गई... ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: युवक ने ट्रैक पर कूदकर दी जान, मौत से पहले परिवार को भेजा था भावुक म... मध्य प्रदेश: दरिंदगी की शिकार बुजुर्ग महिला ने अस्पताल में तोड़ा दम, आरोपी नाबालिग पर अब चलेगा मर्डर ... सावधान! एक व्हाट्सएप ग्रुप और ₹2.07 करोड़ साफ; जानें झारखंड के युवक के साथ कैसे हुई ऑनलाइन ट्रेडिंग ... वैशाली में भीषण सड़क हादसा: कंटेनर की टक्कर से कार के उड़े परखच्चे, अररिया CS और पत्नी ने मौके पर ही... पटना में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित ट्रक ने ऑटो को रौंदा, 6 यात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत प्रेम बाईसा पोस्टमार्टम रिपोर्ट: आंतें पड़ गई थीं लाल, इंजेक्शन देने वाले कंपाउंडर ने पुलिस पूछताछ मे... ससुर की हत्या कर बहू ने रची जिंदा जलाने की साजिश, 'सीक्रेट' छिपाने के लिए पार की हैवानियत की हदें
देश

मनोरमा महापात्र के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया दुख, बोले- उनके लेखन को किया जाएगा याद

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रख्यात लेखक और पत्रकार मनोरमा महापात्रा के निधन पर दुख व्यक्त किया। साथ ही कहा कि उन्होंने मीडिया में कई योगदान दिए हैं। उन्होंने कई मुद्दों को कवर किया। उन्हें उनके लेखन के लिए याद किया जाएगा।

पीएम ने कहा,’ प्रसिद्ध साहित्यकार मनोरमा महापात्र जी के निधन से दुखी हूं। उन्हें कई मुद्दों पर उनके लेखन के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने मीडिया में भी समृद्ध योगदान दिया और व्यापक सामुदायिक सेवा की। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना। ओम शांति ।

बता दें कि ओडिया दैनिक ‘द समाज’ के पूर्व संपादक मनोरमा महापात्रा का कलकत्ता में एससीबी मेडिकल कालेज और अस्पताल में निधन हो गया था। महापात्रा को सीने में दर्द की शिकायत के बाद उनका इलाज चल रहा था। वह 87 वर्ष की थीं। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया।

पटनायक ने कहा, ‘मैं प्रमुख लेखिका और डेली न्यूजपेपर समाज की पूर्व संपादक मनोरमा महापात्रा के निधन के बारे में जानकर दुखी हूं। पत्रकारिता, सामाजिक कार्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण में उनका योगदान अतुलनीय है।” बता दें कि मनोरमा 1934 में जन्मी थी। वह 1984 में साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिला था।

Related Articles

Back to top button