Jio Haptik का बिजनेस हुआ तीन गुना, दूसरे देशों में खूब वृद्धि कर रही RIL की यह इकाई, जानिए पूरा ब्योरा

नई दिल्ली। Jio Platforms की आर्टिफिशियल इटेलिजेंस से जुड़ी इकाई Haptik इस बात को लेकर आशान्वित है कि WhatsApp पर ई-कॉमर्स फैसिलिटी का विकास होगा। Jio Haptik Technologies के को-फाउंडर और सीईओ Aakrit Vaish ने कहा कि, “कंपनी का कारोबार दूसरे बाजारों में बढ़ रहा है और अमेरिका कंपनी का मुख्य मार्केट बनकर उभरा है। कंपनी का कारोबार सालाना आधार पर तीन गुना हो गया है।”
Aakrit Vaish ने बताया कि, “कंपनी का प्राथमिक बाजार अमेरिका है, और इसका कारोबार विदेशों में बढ़ रहा है। कंपनी हर साल लगभग 300 फीसद की लगातार वृद्धि कर रही हैं। कंपनी ने इस अगस्त के महीने में, वृद्धि में सैकड़े के आंकड़े को छुआ था। कंपनी जो कर रही है, उसका प्रमुख हिस्सा विश्व स्तर पर अलग अलग बाजारों में फैल रहा है, जिसमें अमेरिका प्राथमिक बाजार है।”
Haptik के कस्टमर बेस में ड्रीम 11, ओयो रूम, लेंसकार्ट, ओला कैब, पेपरफी, अपस्टॉक्स, हैवेल्स, सिएट, यूरेका फोर्ब्स जैसे नाम शामिल हैं। जियो ने 3 से 5 साल की अवधि में Haptik में 67 मिलियन अमरीकी डालर का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है।
Haptik, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित इंटरैक्टिव चैटबॉट बनाता है, जो ग्राहकों के सवालों का जवाब देता है ताकि ग्राहकों की परेशानी को आसानी से सुलझाया जा सके। कंपनी को उम्मीद है कि व्हाट्सएप पर विकसित हो रही ई-कॉमर्स सुविधाओं से काफी विकास होगा।
वैश ने कहा कि, “हमें लगता है कि व्हाट्सएप डिजिटल इंडिया के लिए नया बाजार बनने जा रहा है। हम मानते हैं कि हर व्यवसाय, छोटा या बड़ा, किसी न किसी तरह का व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट होगा। आने वाले 12 महीनों में आप वास्तव में व्हाट्सएप पर उत्पाद खरीदारी करने की क्षमता को देखेंगे। व्हाट्सऐप पर ई-कॉमर्स फैसेल्टी शुरू होने से हम काफी उत्साहित हैं। कंपनी कारोबार का विस्तार करने के लिए भारत और विदेशों में रिलायंस समूह के संबंधों का भी लाभ उठा रही है।”
“हमारे लिए, अमेरिका, दक्षिण पूर्व एशिया, अफ्रीका और यूके प्राथमिक क्षेत्र हैं, जिनको हम फॉलो कर रहे हैं। मौजूदा वक्त में हमारे रेवेन्यू का 60 फीसद भारत से आता है, और बाकी का 40 फीसद दूसरी जगहों से। Haptik का 50 फीसदी कारोबार ई-कॉमर्स से, 20 फीसदी वित्तीय सेवाओं और फिनटेक से, करीब 20 फीसदी टेलीकॉम, डीटीएच से और 10 फीसदी जियो समेत दूसरे उद्यमों से आता है।”





