कंगना रनोट की मिली जान से मारने की धमकी, एक्ट्रेस बोलीं ‘देश के लिए बलिदान भी देना पड़े तो मंज़ूर’

नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगन रनोट अपनी फिल्मों के अलावा विवादित बयानों के चलते काफी सुर्खियों में रहती हैं। फिल्म इंडस्ट्री के आंतरिक मामलों से लेकर देश के लगभग हर मुद्दे पर कंगना अपनी बेबाक राय रखती हैं। अपने बयानों के चलते कई बार कंगना को मुसीबतों का सामना भी करना पड़ता है। एक्ट्रेस के खिलाफ अलग-अलग मामलों में केस भी दर्ज किए जा चुके हैं अब इसी बीच कंगना को जाने से मारने की धमकी मिली है जिसका खुलासा ख़ुद एक्ट्रेस ने अपने पोस्ट के जरिए किया है। अपने पोस्ट में ही कंगना ने ये भी बताया है कि इस मामले में एक्ट्रेस ने एफआईआर दर्ज करवा दी है, वहीं सोनिया गांधी से अपील की है कि वह पंजाब की मुख्यमंत्री को निर्देश दें कि इस पर तुरंत कर्रवाई करें।
कंगना ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘मुंबई में हुए आतंकी हमले के शहीदों को याद करते हुए मैने लिखा था कि गद्दारों को कभी माफ नहीं करना, ना ही भूलना। इस तरह की घटना में देश के अंदरूनी देशद्रोही ग़द्दारों का हाथ होता है। देशद्रोही गद्दारों ने कभी पैसे के लालच में तो कभी पद व सत्ता के लालच में भारत मां को कलंकित करने के लिए एक भी मौका नहीं छोड़ा, देश के अंदरूनी जयचंद और गद्दार षड्यंत्र रच देश विरोधी ताकतों को मदद करते रहे, तभी इस तरह की घटनाएं होती हैं’।
‘मेरे इसी पोस्ट पर मुझे विघटनकारी ताकतों की तरफ से निरंतर धमकियां मिल रही हैं। बठिंडा के एक भाई साहब ने तो मुझे खुलेआम जान से मारने की धमकी दी है। मैं इस तरह की गीदड़ भभकी या धमकियों से नहीं डरती। देश के खिलाफ षड्यंत्र करने वालो और आतंकी ताकतों के खिलाफ बोलती हूं और हमेशा बोलती रहूंगी। वह चाहे बेगुनाह जवानों के हत्यारे नक्सलवादी हो, टुकड़े टुकड़े गैंग हो या आठवें दशक में पंजाब में गुरूओं की पावन भूमि को देश से काटकर खालिस्तान बनाने का सपना देखने वाले विदेशों में बैठे हुए आतंकवादी हो’।
‘लोकतंत्र हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है, सरकार किसी भी पार्टी की हो, लेकिन देश की अखंडता, एकता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा और विचारों की अभिव्यक्ति का मौलिक अधिकार हमें बाबासाहेब अम्बेडकर के सविंधान ने दिया है। मैंने किसी भी जाति, मजहब, या समूह के बारे में कभी कोई अपमानजनक या नफरत फैलाने वाली बात नहीं की है’।
‘मैं कांग्रेस की अध्यक्षा श्रीमती सोनिया जी को भी याद दिलाना चाहूंगी कि आप भी एक महिला है, आपकी सास इंदिरा गांधी जी इसी आतंकवाद के खिला






