ब्रेकिंग
Mann Ki Baat: 'हरगिला चिड़िया' बनी असम के गांवों की पहचान; PM मोदी ने की 'हरगिला सेना' की जमकर तारीफ स्वच्छ यमुना अभियान: सीएम रेखा गुप्ता का श्रमदान, कहा- "अब यमुना में नहीं गिरेगा बिना ट्रीटमेंट वाला... PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स की नेशनल असेंबली में बोले पीएम मोदी; 'भारत और सेशेल्स को जोड़ता है... Waqf Amendment Act: वक्फ संपत्तियों को कानूनी दर्जा दिलाने की प्रक्रिया तेज; 30 जून तक पूरा करें रिक... Amarnath Yatra 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम; अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने की बड़ी मॉक र... हरिद्वार: बीमार पत्नी की संदिग्ध मौत का खुलासा, दवा के नाम पर जहर देकर की पति ने हत्या Jabalpur Crime News: फेसबुक पर हिंदू नाम रखकर की दोस्ती, फिर धर्म परिवर्तन और तस्करी की कोशिश; मामला... खंडवा: अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर हमला, 8 वनकर्मी घायल; वर्दी फाड़ने और पथराव का वीडियो वा... Muzaffarpur Crime News: अवैध संबंध के शक में छोटे भाई ने की बड़े भाई की हत्या, जांता से कुचलकर उतारा... Delhi E-Office System: दिल्ली सरकार में ई-ऑफिस का एक साल पूरा; फाइलों का निस्तारण हुआ तेज और पारदर्श...
देश

दर्द भरी आवाज में मांग रहे थे पानी, कंबल और चादरों को बनाया स्ट्रेचर.. रूह कंपा देगी CDS रावत के हेलिकॉप्टर क्रैश की आंखों देखी

तमिलनाडु के नीलगिरी की पहाड़ियों में स्थित पश्चिमी घाट के गांव में चाय बागानों में काम करने वाले मजदूर उस समय आश्चर्यचकित रह गए जब उन्होंने जंगलों में जोरदार धमाके की आवाज के साथ ही आग की लपटों को उठते देखा। बुधवार को दोपहर के समय भी वहां धुंध छायी हुयी थी। हालांकि न तो कोई मजदूर न ही उनके परिवार के सदस्य कुछ समझ पाए कि वहां क्या हो रहा है और कुछ स्थानीय लोग दुर्घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे, जहां भारतीय वायुसेना का हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें भारत के पहले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और हेलीकॉप्टर में सवार 11 अन्य लोगों की मृत्यु हो गई। बरहाल, वे दुर्घटनास्थल के बहुत नजदीक नहीं जा पाए क्योंकि आग की लपटें काफी तेज थीं। दुर्घटना एक जंगली क्षेत्र में हुयी, जो चाय बागान के नजदीक था और यह पहाड़ियों एवं घाटियों से घिरा हुआ इलाका है।

एक अन्य ग्रामीण और मौके पर पहुंचने वाले पहले लोगों में से एक शिवकुमार थे। उन्होंने बताया कि जलते हुए हेलिकॉप्टर में 11 लोग थे, जबकि तीन कुछ मीटर की दूरी पर पाए गए, हेलिकॉप्टर क्रैश होने के बाद वह शायद छिटक कर दूर गिरे होंगे या फिर जान बचाने के लिए भागे होंगे। उनके शरीर पर गंभीर चोटें थीं। घायलों में से एक कराह रहा था। दबी हुई आवाज में उसने हमसे पानी मांगा। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि बचाव दल को कठिनाइओं का सामना करना पड़ा। आग बुझाने के लिए दमकल इंजन को ले जाने के लिए कोई रास्ता नहीं था। हमें पास की नदी और घरों से बर्तनों में पानी लाना पड़ा और आग में डालना पड़ा। ऑपरेशन बहुत कठिन था, शवों को निकालने के लिए हमें हेलिकॉप्टर के दांतेदार टुकड़ों को खोलना पड़ा। बहुत मुश्किल से लोगों को बाहर निकाला जा सका। फायरमैन सी दंडपाणि ने कहा कि चूंकि एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंच सकीं, इसलिए उन्हें घाट से घायलों को ले जाने के लिए निवासियों से चादरें मिलीं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बड़ी तेज आवाज आई, आग की लपटें काफी तेज थीं जिसमें हेलीकॉप्टर नष्ट हो गया, इस पर सवार लोगों की मौत हो गई और बड़े-बड़े वृक्ष राख में तब्दील हो गए। चेन्नई में पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई’ को बताया, ‘‘हेलीकॉप्टर जंगली क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ, जो एक चाय बागान के काफी नजदीक है। इस क्षेत्र तक जाने का मुख्य मार्ग चाय बागान से होकर जाता है। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और मजदूरों ने देखा कि क्या हुआ।” उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा अधिकारी दुर्घटना के बारे में बताएंगे।” कुछ लोग जब नजदीक पहुंचे तो उन्होंने जो देखा उस पर उन्हें विश्वास नहीं हुआ। जब उन्होंने ‘जलती हुई वस्तु’ देखी तो पहले सोचा कि यह किसी पेड़ की शाखा हो सकती है, और नजदीक जाने पर वहां जलते मांस की गंध से उन्हें आभास हुआ कि किसी व्यक्ति का शव जल रहा है। जब उन्होंने थोड़ी दूरी पर एक युवा सैनिक के आंशिक जले हुए शव को देखा तो उन्हें स्थिति की गंभीरता का अंदाजा हुआ।

Related Articles

Back to top button