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यूपी विधानसभा में 8479.53 करोड़ का अनुपूरक बजट पारित, कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन शुक्रवार को सदन में वित्त वर्ष 2021-22 का 8479 करोड़ 53 लाख रुपए का द्वितीय अनुपूरक बजट और वित्त वर्ष 2022-23 के शुरुआती चार माह (अप्रैल, मई, जून और जुलाई) के लिए लेखानुदान विधेयक पारित हो गया। वहीं सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई है।

संसदीय कार्य और वित्‍त मंत्री सुरेश खन्‍ना ने अनुपूरक बजट और लेखानुदान विधेयक को पारित करने का प्रस्ताव रखा जो ध्वनि मत से पारित हो गया। हालांकि विपक्षी दलों के सदस्यों ने अनुपूरक बजट को औचित्यहीन बताते हुए इसका विरोध किया। अनुपूरक बजट के समर्थन में खन्‍ना ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी सरकार का मूल मंत्र अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में चालू वित्त वर्ष के लिए 8479.53 करोड़ रुपये का दूसरा अनुपूरक बजट और वित्त वर्ष 2022-23 के चार महीनों (अप्रैल से जुलाई) के लिए 1,68,903.23 करोड़ रुपये का लेखानुदान विधानसभा में प्रस्तुत किया था।

विपक्षी दलों के द्वितीय अनुपूरक बजट को अनुपयोगी करार दिये जाने के आरोपों को खारिज करते हुए खन्‍ना ने कहा कि सामान्य वर्ग की सबसे बड़ी जरूरत बिजली है और इसके मद में 1350 करोड़ रुपये तथा 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए एक हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गयी है। दूसरा, मुख्‍यमंत्री विवेकाधीन कोष में गरीबों के इलाज के लिए और 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था के लिए 670 करोड़ और दिव्यांगजन पेंशन के लिए 167 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और यह पेंशन 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये मासिक की गई है। उन्होंने बताया कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सरकार ने चार हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। खन्ना ने नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी के आंकड़ों को झुठलाते हुए दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के मुकाबले हमारी सरकार में अपराधों में गिरावट आई है।

चौधरी ने कानून-व्यवस्था की बदहाली का आरोप लगाते हुए आंकड़ों के आधार पर दावा किया था कि जब से भाजपा की सरकार बनी तब से अपराधों में लगातार वृद्धि हुई है। खन्‍ना ने कहा कि हमारी सरकार में 3405 माफियाओं को चिन्हित कर 2334 लोगों को गिरफ्तार किया गया और पांच दुर्दांत माफिया की संपत्ति जब्त की गई। उन्होंने कहा कि लोक दृष्टि से बड़ा कोई मानदंड नहीं होता है। उन्होंने आंबेडकर की चर्चा करते हुए कहा कि पंचतीर्थ (आंबेडकर से जुड़े पांच प्रमुख स्‍थान) हमने बनाया।

उन्होंने पेट्रोल-डीजल की महंगाई के आरोपों का जवाब देते हुए राजस्थान और छत्तीसगढ़ की कांग्रेस नीत सरकार का उदाहरण दिया जहां उत्तर प्रदेश से अधिक पेट्रोल-डीजल की कीमत है। सदन में द्वितीय अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने सरकार की जमकर आलोचना की और बजट को जनविरोधी बताया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चौधरी ने मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के बृहस्पतिवार को दिये गये भाषण पर तंज कसते हुए सवाल उठाया, ‘‘जहां पर बेटी-बहनों की इज्जत महफूज न हो क्या यही रामराज्य है, जहां पर रात दिन डकैती, हत्‍या, लूट और बलात्‍कार होते हैं, क्या यही रामराज्य है।” चौधरी ने आंकड़ों के जरिये दावा किया कि उत्‍तर प्रदेश में बेतहाशा अपराध बढ़ा है।

योगी ने बृहस्पतिवार को सदन में समाजवाद को बहुरुपिया ब्रांड बताते हुए दावा किया था कि इस देश को न साम्यवाद, न समाजवाद चाहिए बल्कि इस देश को राम राज्‍य चाहिए। बहुजन समाज पार्टी के नेता उमाशंकर सिंह ने सदन के कक्ष में बाबा साहब डाक्टर भीम राव आंबेडकर का चित्र लगाने की मांग करते हुए अनुपूरक बजट का विरोध किया और इसे जनविरोधी बताया। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने कहा कि इस बजट में मध्यम वर्ग के लिए कुछ भी नहीं है जबकि सबसे ज्यादा मध्‍यम वर्ग प्रभावित हुआ है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि पांच साल से वादा पर वादा किया जा रहा है और मुझे उम्मीद थी कि मुख्‍यमंत्री जब बोलेंगे तो सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू करने की घोषणा करेंगे लेकिन घोषणा की बात तो दूर चर्चा भी नहीं हो पाई। उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री से अनुरोध किया कि सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट लागू की जाए। अपना दल (एस) की लीना तिवारी ने अनुपूरक बजट का समर्थन करते हुए सरकार की योजनाओं की सराहना की।

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