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विदेश

अब अमेरिकी सांसदों ने भी उठाई आवाज, अफगानिस्तान के बैकों की जब्‍त राशि मुक्त करने का किया आग्रह

वाशिंगटन। अमेरिकी सांसदों ने बाइडन प्रशासन से अफगानिस्तान के केंद्रीय बैंकों में जमा 9.4 बिलियन डॉलर की राशि को मुक्त करने का आग्रह किया है। स्पुतनिक ने जानकारी देते हुए बताया कि डेमोक्रेटिक यूएस हाउस के सदस्यों ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और ट्रेजरी विभाग को लिखे पत्र में कहा कि वह अमेरिकी सहयोगियों और मानवीय विशेषज्ञों के साथ खड़े हैं। उन्होंने साथ मिलकर संयुक्त राज्य अमेरिका से अफगानिस्तान के लिए कठोर आर्थिक उपायों से बचने का आग्रह किया है। इन आर्थिक उपायों से अफगान परिवारों और बच्चों को सीधे तौर पर नुकसान होगा।

विश्व में नया शरणार्थी संकट पैदा होने के आसार

सांसदों ने आगे कहा कि अफगानिस्तान के विदेशी भंडार और बैंकों में पड़ी राशि की रोक पर लगे प्रतिबंधों को खत्म करने के लिए वर्तमान की अमेरिकी नीति में जल्द से जल्द बदलाव करना होगा। सांसदों ने कहा कि अफगानिस्तान की चरमराती अर्थव्यवस्था से पूरे विश्व में एक नया शरणार्थी संकट पैदा होने के आसार हैं। सांसदों ने कहा कि संयुक्त राज्य का अफगानिस्तान के केंद्रीय बैंकों के भंडार को मुक्त करने का फैसला बढ़ती महगाई और निजी बैंकों व निजी कारोबारों को बंद करने में योगदान दे सकता है

2022 में अफगानिस्तान में हो सकती है अधिक मौतें

पत्र में आगे कहा गया कि अफगानिस्तान के केंद्रीय बैंकों के भंडार पर अमेरिकी रोक के कारण देश में पिछले 20 सालों से युद्ध के चलते हुई मौतों से 2022 में अधिक मौतें हो सकती है। सोमवार को संयुक्त राष्ट्र आपातकालीन राहत समन्वयक मार्टिन ग्रिफिथ्स ने कहा कि अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था में बड़ी गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने इस्लामाबाद में इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के विदेश मंत्रियों की परिषद के 17वें असाधारण सत्र को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने आगे बताया कि अगस्त में तालिबान की ओर से अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद से विश्व बैंक और अंतराष्ट्रीय मद्रा कोष ने देश को वित्तीय सहायता से बाहर कर दिया था, जो इससे पहले अफगानिस्तान के सार्वजनिक खर्च का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा था। साथ ही संयुक्त राज्य अमेरिका ने अफगान सेंट्रल बैंक की डालर में अरबों की संपत्ती को रोक दिया था।

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