ब्रेकिंग
Maskara Ganesh Festival: मराठा राजवंश के इतिहास से जुड़ी है यह अनूठी परंपरा, पितृ पक्ष में होती है ग... Leopard Attack in Maharashtra: बिजली कटते ही गन्ने के खेत में छिपे तेंदुए ने बोला हमला, मासूम बच्चे ... Viral Video from Bihar: भागलपुर-दानापुर एक्सप्रेस में स्नैचर की करतूत, यात्रियों ने पकड़ा तो जान की ... Police Headquarters Ranchi: कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट और हार्ट सर्जरी के लिए आर्थिक सहायता स्वीकृत, ... Khunti Sadar Hospital: इलाज के दौरान मजदूर की मौत से शोक, ठेकेदार और परिजनों ने दी घटना की जानकारी Ganga Erosion in Sahibganj: खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर बह रही गंगा, रेलवे ट्रैक और नदी के बीच की द... Kanker News: उत्तर बस्तर कांकेर में वन्यजीवों की दस्तक, शहर के मठ में दिखा तेंदुआ तो पानी की टंकी पर... Archaeological Circuit in MP: एरण, ओरछा, सांची और भोजपुर को एक सूत्र में पिरोने की तैयारी, देशी-विदे... Train Timings 2026: 5 अक्टूबर से 24 नवंबर तक चलेगी वलसाड-दानापुर स्पेशल ट्रेन, जानें पूरा शेड्यूल और... Teacher Promotion in MP: शिक्षकों को करना होगा थोड़ा और इंतजार, पात्रता परीक्षा के बाद करीब 30 हजार ...
मध्यप्रदेश

गांधी प्रतिमा के सामने छत्तीसगढ़ CM का विरोध, संत कालीचरण के बचाव में सौंपा ज्ञापन

इंदौर: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर विवादित बयान देने वाले महाराष्ट्र के संत कालीचरण के बचाव में हिंदू संगठन सड़क पर उतर गया है। इंदौर में रविवार को गौरक्षा संगठन और बजरंग सेना के कार्यकर्ताओं ने कालीचरण महाराज के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस और सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का विरोध किया। इंदौर के रीगल स्कवेयर स्थित गांधी प्रतिमा के सामने हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध दर्ज कराया और छत्तीसगढ़ सरकार और सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कार्यकर्ताओ ने मध्यप्रदेश के गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर की कालीचरण महाराज को जल्द रिहा करने की मांग की।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के हुजूम ने इंदौर में ये तो साफ कर दिया है कि विरोध के स्वर आगे भी जारी रहेंगे। दरअसल, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर विवादित टिप्पणी करने वाले संत कालीचरण को 13 जनवरी तक कि न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और ऐसे में उनके बचाव में उतरे हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार का विरोध किया जा रहा है। विरोध के दौरान सड़क पर ही कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा भी पढ़ी और इसके बाद कमिश्नर ऑफ पुलिस कार्यालय पर जाकर ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओ के मुताबिक छत्तीसगढ़ सरकार ने गलत तरीके से संत कालीचरण को सजा दी है। गौरक्षा बजरंग सेना के प्रदेश अध्यक्ष विशाल ठाकुर ने बताया कि यदि जल्द ही छत्तीसगढ़ सरकार ने कालीचरण महाराज को नहीं छोड़ा तो हर वार्ड में छत्तीसगढ़ के सीएम का पुतला जलाया जाएगा।

बता दें कि विवादित बयान को लेकर चर्चा में आये संत कालीचरण का बचाव इंदौर में हर रोज हिंदूवादी संगठनों द्वारा किया जा रहा है और माना जा रहा है कि आने वाले समय मे ये विरोध और भी उग्र हो सकता है।

Related Articles

Back to top button