ब्रेकिंग
जबलपुर में देशभक्ति का अनूठा जुनून: उफनती नर्मदा नदी में एक हाथ में तिरंगा थामकर 7 किमी तैरे तैराक, ... मध्य प्रदेश के धार का प्रसिद्ध 'बाग प्रिंट' पहुंचा राष्ट्रपति भवन, 'एट होम' समारोह की बढ़ाएगा शोभा बालाघाट के आदिवासी गांवों में रहस्यमयी बीमारी और मलेरिया का कहर: डेढ़ माह में मासूमों की मौत, स्कूल ... जब क्लास में 'गुरुजी' बने गुना कलेक्टर: किशोर कन्याल ने ब्लैकबोर्ड पर बच्चों को पढ़ाया पाठ, सिखाया '... इंदौर: नगर निगम ARO जितेंद्र पांडे के ठिकानों पर लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई, 31 साल की नौकरी में बना... एमपी बोर्ड 10वीं-12वीं परीक्षा 2027 की तारीखें घोषित: 17 फरवरी से 12वीं और 24 फरवरी से 10वीं के एग्ज... जबलपुर रेल मंडल का टिकट चेकिंग दस्ता फुल एक्शन मोड में, 4 महीने में वसूला 28 करोड़ का रिकॉर्ड जुर्मा... लखनऊ में सनसनीखेज वारदात: जानकीपुरम में पत्नी ने लोहे के तवे से वार कर ली पति की जान, 5 साल से चल रह... महाराष्ट्र की आश्रमशालाओं में 2 साल के भीतर 584 छात्रों की मौत, सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे... भारी विरोध के बाद झुकी बार काउंसिल ऑफ इंडिया: NALSAR छात्रों के एनरोलमेंट पर रोक का आदेश BCI ने लिया...
छत्तीसगढ़

एनआइटी के चार स्‍टूडेंटस को माइक्रोसाफ्ट ने दिया 44 लाख का ऑफर

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) के चार छात्रों को माइक्रोसाफ्ट कंपनी ने सालाना 44 लाख रुपये पैकेज पर नौकरी का ऑफर दिया है। इनफार्मेशन टेक्नोलाजी के अंतिम वर्ष के छात्र आशीष कुमार, आयुष गांगुली, श्रुति रावल व कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के अंजली पाटले को माइक्रोसाफ्ट कंपनी ने साफ्टवेयर डेवलपर रोल के लिए जॉब आफर किया है।

आशीष कुमार ने बताया कि उन्होंने कोडिंग की तैयारी यूट्यूब, जीएफजी, लीटकोड पर 1000 से 1500 प्रश्न बना कर की। पढ़ाई के दौरान दोस्तों के बीच शिक्षा का अच्छा माहौल रहा। ट्यूरिंग क्लब आफ़ प्रोग्रामर्स द्वारा आयोजित विभिन्ना कार्यक्रम भी उनके लिए मददगार साबित हुए हैं। आयुष गांगुली ने बताया की उन्होंने गीक्स फार गीक्स जैसे कोडिंग प्लेटफार्म पर दो सालों तक लगातार एक से दो घंटे हर दिन प्रैक्टिस की। डेवलपमेंट का अनुभव के लिए कुछ हैकथान में भी भाग लिया। डेटा स्टक्चर्स एंड एल्गोरिथ्म्स स्किल्स पर काम किया। श्रुति रावल ने बताया कि उन्होंने अपने बीटेक के दूसरे वर्ष से ही प्रोजेक्ट पर काम करना व कोडिंग लैंग्वेज सीखना चालू कर दिया था। रोजाना नए सीखने की जिज्ञासा थी।

Related Articles

Back to top button