ब्रेकिंग
बरेली: नीली बत्ती वाली फर्जी महिला IAS का करोड़ों का जॉब स्कैम, फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर करते थे ठग... IIT में अच्छी रैंक के बाद भी चुना शतरंज: सड़कों पर गुजारी रातें, अब 30 देशों में सिखा रहे हैं चेस; प... गोविंदा-सुनीता के 40 साल पुराने रिश्ते में सुलह: फैमिली कोर्ट पहुंचीं पत्नी सुनीता आहूजा, तलाक की या... केन्या में भीषण हेलिकॉप्टर क्रैश: इक्वाडोर के खुफिया प्रमुख और 5 अमेरिकी नागरिकों सहित सभी 7 लोगों क... माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में बड़ा बदलाव: कुल पोर्टफोलियो और कर्जदार घटे, औसत लोन साइज 19% बढ़ा भारत में Starlink की नई छलांग: Gen 2 सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन और D2D सर्विस के लिए नया आवेदन सावन पुत्रदा एकादशी कब है? जानें 23 अगस्त 2026 की सही तिथि, पूजा विधि और संतान प्राप्ति के सिद्ध मंत... ब्रेड से बनाएं ये 5 क्रिस्पी और टेस्टी स्नैक्स: बच्चों और बड़ों के नाश्ते के लिए आसान और हेल्दी रेसि... कश्मीर पर अमेरिका की नीति में बड़ा बदलाव: श्रीनगर पहुंचे अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, अलगाववाद को दरक... विशाखापत्तनम में भोजन की तस्वीरों पर छिड़ा सियासी संग्राम, सपा ने लगाया मांसाहार का आरोप
मध्यप्रदेश

प्रवासी भारतीय सम्मेलन के समापन में भावुक हुए शिवराज

इंदौर : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंगलवार को प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के समापन समारोह में शामिल हुए। इस दौरान सीएम ने अपने संबोधन में प्रवासी भारतीयों से दोनों हाथ जोड़कर माफी मांगी। सीएम ने कहा कि व्यवस्था में कोई कमी नहीं रह गई, लेकिन पीएम मोदी की लोकप्रियता इतनी है कि हॉल छोटा पड़ गया।मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मेरा मन भाव-विभोर है। तीन दिन तक आपका साथ रहा। इंदौर आपसे एक रूप हो गया।

सचमुच में इंदौर ने तैयारी वैसी की, जैसी बेटी की शादी के लिए करते हैं। बेटी की शादी जैसा इंदौर का स्वागत-सत्कार। जब बेटी की बिदाई होती है तो मन में तकलीफ भी होती है। मैं ‘पधारो म्हारे घर’ कार्यक्रम में गया था। वहां ऐसा लगा जैसे दो परिवार नहीं मिले हों बल्कि दो देश जुड़ गए हों। तीन दिन आनंद, उत्सव और उमंग के थे। तीन दिन कैसे कट गए, पता ही नहीं चला। अब मन सोचकर भारी हो रहा है कि आप चले जाओगे। यहीं रह जाओ न। जो बात इस जगह है, वह कही भी नहीं।

शिवराज ने कहा, मैं एक बात और बता दूं। मध्यप्रदेश की ग्रोथ रेट करेंट प्राइसेज पर 19.76 है। देश में सबसे ज्यादा। भारत की जीएसडीपी में हमारा योगदान पहले 3.6% हुआ करता था अब 4.6% है। आज मध्यप्रदेश, हिन्दुस्तान का फूड बास्केट है। गेहूं के उत्पादन में हमने पंजाब को पीछे छोड़ दिया है। मध्यप्रदेश नंबर एक पर पहुंच गया है। एक नहीं अनेकों उपलब्धियां है। मैं विस्तार में नहीं जाऊंगा। लेकिन मध्यप्रदेश अद्भुत राज्य है। खेती के मामले में हमारा बासमती राइज, शरबती गेहूं मध्यप्रदेश की अलग पहचान है।

 

Related Articles

Back to top button