ब्रेकिंग
Maharashtra Rain Havoc: महाराष्ट्र में बारिश बनी काल, लापरवाही के चलते 9 लोगों की दर्दनाक मौत; जानें... How to Get Glass Hair: कोरियन हेयर केयर रूटीन से पाएं स्मूथ, शाइनी और हेल्दी बाल; जानें आसान तरीका Women's T20 World Cup 2026 Final: ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड के बीच खिताबी जंग, जानें विजेता टीम को म... Bollywood News: अक्षय कुमार की कमाई का नया जरिया, मुंबई में करोड़ों की प्रॉपर्टी बेचकर कमाए भारी मुना... Mental Health Crisis: युद्ध के मैदान से लौटे सैनिकों में PTSD का खतरा, इजराइल में 1 लाख तक पहुंच सकत... Crude Oil Prices: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का पेट्रोल-डीजल पर असर, सरकार ने साफ की स्थिति WhatsApp, Telegram & Signal News: यूजरनेम फीचर पर बढ़ी सरकार की सख्ती, फ्रॉड के डर से मांगा जवाब Budh Margi 2026: 25 जुलाई को बुध अपनी ही राशि में होंगे मार्गी, इन 4 राशियों को रहना होगा बेहद सावधा... Benefits of Oats: ओट्स खाने के जबरदस्त फायदे, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर नाश्ते के लिए अपनाएं ये तरीक... Etah Road Accident: एटा में भीषण सड़क हादसा, सड़क किनारे खड़ी बस को कंटेनर ने मारी टक्कर; 5 की मौत, ...
मध्यप्रदेश

मैनिट में अंतरराष्‍ट्रीय विज्ञान महोत्‍सव का शुभारंभ, देश-विदेश के आठ हजार विज्ञानी शामिल

भोपाल। मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी (मैनिट) में चारदिवसीय दिवसीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आइआइएसएफ) का शनिवार को शुभारंभ हुआ। मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केेंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डा. जितेंद्र सिंह नेे कुछ देर पहले दीप प्रज्‍ज्‍वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में प्रदेश के विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा भी विशिष्‍ट अतिथि के रूप में उपस्थित हैं। राजधानी में पहली बार व्‍यापक स्तर पर विज्ञान महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देश-विदेश से आठ हजार विज्ञानी अपने शोध के साथ शामिल हो रहे हैं। इसके अलावा देश-विदेश की 300 विज्ञानिक संस्थाएं भी इसमें शामिल हैं। इसका आयोजन भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद् (सीएसआइआर), अंतरिक्ष विभाग, परमाणु उर्जा विभाग, विज्ञान भारती व मैनिट के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। मध्यप्रदेश शासन इस संपूर्ण कार्यक्रम में सह आयोजक है एवं मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् महोत्सव की नोडल एजेंसी है। महोत्सव में भारत सरकार के प्रमुख विज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद, सचिव जैव प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार डा. राजेश एस गोखले, सचिव पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय डा. एम. रविचंद्रन, सचिव विज्ञान भारती डा. सुधीर भदौरिया, महानिदेशक, सीएसआइआर और सचिव डीएसआइआर डा. एन कलैसेल्वी, वैज्ञानिक एच डीबीटी भारत सरकार डा. संजय मिश्रा और महानिदेशक मैपकास्ट डा. अनिल कोठारी विशेष रूप से उपस्थित हैं। महोत्सव में इस बार 15 गतिविधियों का आयोजन होगा और पहले दिन शाम को प्रसिद्ध सूफी गायक कैलाश खेर की प्रस्‍तुति भी होगी।

विज्ञान फिल्म महोत्सव में 59 देशों से मिली प्रविष्टियां

आइआइएसएफ 2022 के एक प्रमुख घटक के रूप में इंटरनेशनल साइंस फिल्म फेस्टिवल आफ इंडिया (आइएसएफएफआइ) का आयोजन 21 से 23 जनवरी तक होगा। फिल्मोत्सव में 59 देशों से विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार पर आधारित कुल 437 फिल्म प्रविष्टियां प्राप्त हुई हैं। आइएसएफएफआइ के समन्वयक और विज्ञान प्रसार के वरिष्ठ विज्ञानी निमिष कपूर ने बताया कि विज्ञान फिल्मोत्सव के अंतर्गत विज्ञान, प्रौद्योगिकी और शोध और विकास से जुड़े विविध विषयों पर चार श्रेणियों में फिल्म प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थीं। प्राप्त 437 प्रविष्टियों में से 61 भारतीय और 33 विदेशी फिल्मों को समारोह के लिए नामांकित किया गया है। भारत, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, रूस, कनाडा, इजराइल, फिलीपींस, अमेरिका, आस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों की पुरस्कृत विज्ञान फिल्मों की विशेष स्क्रीनिंग फिल्मोत्सव में की जाएगी।

एमिटी के 40 विज्ञानी शामिल होंगे

एमिटी विवि के 40 से अधिक विज्ञानी अपने नवाचारों का प्रदर्शन करने जा रहे हैं। साथ ही वे अपना शोध भी प्रस्तुत करेंगे। इसमें विज्ञानी डा. तनु जिंदल, डा. रजनी सिंह, डा. नीरज शर्मा, उप महानिदेशक सहित कई विज्ञानी अपने अनुसंधान और नवाचार पहलों का प्रदर्शन करेंगे। एमिटी फाउंडेशन फार साइंस व टेक्नोलाजी एंड इनोवेशन एलायंस के डा. अभिषेक चौहान अन्य लोगों के साथ-साथ पैनल चर्चा में शामिल होंगे। विज्ञानी डा. तनु जिंदल भारत की जी-20 प्राथमिकताएं और विज्ञान फिल्मों की भूमिका विषय पर पैनल चर्चा की सह-अध्यक्ष भी होंगी। इस दौरान विज्ञानी डा. हर्षा खर्कवाल द्वारा विकसित बायो-डिग्रेडेबल प्लास्टिक, एचएनबी-9 फार्मूलेशन: डा. अमित खर्कवाल द्वारा विकसित एक उपन्यास फास्फेट साल्यूबिलाइजिंग फंगल बायोफर्टिलाइजर, प्रो. अजीत वर्मा द्वारा विकसित रूटोनिक शामिल है। डा. वीके द्वारा विकसित पोर्टेबल वाटर प्यूरीफायर, डा. नूतन कौशिक द्वारा बायोपेस्टीसाइड सूत्रीकरण और डा. सीमा गर्ग द्वारा विकसित फोटोकैटलिटिक वेस्ट-वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम का प्रदर्शन किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button