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मध्यप्रदेश

मां बनी पंद्रह साल की बालिका ने बच्चे को अपनाने से किया इनकार

खंडवा। इंदौर में रिश्तेदार के घर दुष्कर्म का शिकार होने के बाद मां बनी बालिका ने बच्चे को अपनाने से इनकार कर दिया है। इस संबंध में बालिका ने बाल कल्याण समिति को लिखित में अपना अभिमत सौंप दिया है। हालांकि बाल कल्याण समिति ने 60 दिन की मोहलत स्वजनों को दे दी है। यदि इस अवधि में भी मां राजी नहीं होती है तो बच्चे को गोद दिए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। खंडवा जिले की 15 वर्षीय बालिका के साथ इंदौर में एक 13 वर्षीय बालक द्वारा दुष्कर्म करने का मामला नवंबर में सामने आया था। इस मामले में इंदौर की लसूड़िया थाना पुलिस ने प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपित को गिरफ्तार किया था। इधर बालिका से जन्मे नवजात को जिला अस्पताल के एसएनसीयू में रखा गया था। अब यह बच्चा स्वस्थ होकर बाल गृह में है। हाल ही में जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष विजय सनावा बालिका के घर पहुंचे थे। उन्होंने बालिका और उसके स्वजनों से चर्चा करते हुए बच्चे को अपनाने की समझाइश दी थी। दोनों ने उसे अपनाने से इनकार कर दिया। सनावा ने बताया कि स्वजनों को बच्चा अपनाने के लिए 60 दिन का समय दिया गया है। यदि वे अपनाने के लिए तैयार हो जाते हैं तो ठीक है लेकिन राजी नहीं होते हैं तो बच्चे को लीगल फ्री घोषित करते हुए गोद देने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

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