ब्रेकिंग
Himachal Tourism: मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी का प्रकोप, राहत के लिए रोजाना 20 हजार पर्यटक पहुंच रह... Bhagalpur News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की समीक्षा के बाद फैसला; विक्रमशिला सेतु से सिर्फ हल्के वाह... West Bengal Politics: विधायक हुमायूं कबीर का बड़ा दावा- TMC के 20 सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बगावत... Monsoon Update 2026: देश में मानसून की धमाकेदार एंट्री, केरल पहुंचे बदरा; दिल्ली-NCR में भारी बारिश ... Malviya Nagar Fire: दिल्ली अग्निकांड के वो 10 'रियल हीरोज', जिन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए दां... Shivnandanpur Election Result: नवगठित नगर पंचायत शिवनंदनपुर में खिला कमल, BJP के रितेश जायसवाल बने प... Khairagarh Land Dispute: खैरागढ़ का ऐतिहासिक एडवर्ड पार्क विवाद; 40 करोड़ की सरकारी जमीन पर निजी माल... Balrampur Bulldozer Action: बलरामपुर के गाजर गांव में वन भूमि पर चला बुलडोजर, 31 अवैध निर्माण जमींदो... Narayanpur News: नारायणपुर के उसेबेड़ा में ग्रामीणों ने खुद ढहाया वर्षों पुराना नक्सल स्मारक, माड़ म... Surajpur Drug Bust: सूरजपुर में गांजा तस्करी पर महा-एक्शन; यात्री बस से ₹2 करोड़ का 20 क्विंटल गांजा...
राज्य

गुरु नानक देव अस्पताल में खाली है ब्लड बैंक,एक साल से नहीं लगाया रक्तदान शिविर

अमृतसर । गुरु नानक देव अस्पताल स्थित रक्त बैंक सूख गया है।यहां ओ पॉजिटिव रक्त समूह को छोड़कर अन्य समूह का रक्त नहीं है।आपातकालीन स्थिति में लाए जा रहे मरीजों अथवा गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के लिए रक्त की अनिवार्यता है।वहीं थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों को भी रक्त चाहिए।वर्तमान में यह स्थिति है कि जिस मरीज को रक्त चाहिए,पहले वह रक्तदाता साथ लाएगा।यह नियम सड़क दुर्घटनाओं में घायल या गर्भवती महिलाओं पर भी लागू किया गया है।यह तब है जब सरकारी आदेश है कि रक्त के लिए रक्तदाता की मांग नहीं की जा सकती।

आखिर रक्त बैंक में रक्त की कमी क्यों आई? यह सवाल ही रक्त बैंक की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है।रक्त बैंक का संचालन करने वाले अधिकारी रक्तदान शिविर नहीं लगा रहे। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि रक्त बैंक में पिछले दो सालों से पीआरओ का पद रिक्त है।पूर्व पीआरओ रवि महाजन की सेवानिवृत्ति के बाद रक्त बैंक प्रशासन ने उन्हें ठेके की नौकरी पर रखा, पर समय पर वेतन न मिलने की वजह से रवि महाजन 2021 में नौकरी छोड़ गए। जब तक रवि महाजन पीआरओ रहे तब तक शहर की विभिन्न रक्तदाता सोसायटियों द्वारा रक्तदान शिविर लगाए जाते रहे।

रक्त बैंक का एक नियम यह है कि यहां कम से कम 200 यूनिट सरपल्स होना चाहिए। जीएनडीएच स्थित रक्त बैंक में महज 100 यूनिट शेष हैं। जीएनडीएच के चिकित्सा अधीक्षक डा. कर्मजीत सिंह का कहना है कि हमने बटाला से 15 यूनिट मंगवाए हैं। रविवार को दो जगहों पर रक्तदान शिविर लगाए गए हैं। डा. कर्मजीत ने माना कि पीआरओ न होने की वजह से काफी परेशानी आई है। रक्तदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए पीआरओ की अनिवार्यता है। सरकार को पीआरओ की नियुक्ति को लिखा है।डा. कर्मजीत के अनुसार गायनी विभाग में गर्भवती महिलाओं को रक्त देना पड़ता है। इनके साथ रक्तदाता नहीं होता। इसके अलावा मेडिसिन व सर्जिकल वार्डों में कई बुजुर्ग उपचाराधीन हैं। इसके साथ भी रक्तदाता नहीं। इस वजह से सारा बोझ रक्त बैंक पर है।

 

Related Articles

Back to top button