ब्रेकिंग
लुधियाना में 4 दिन में सुलझी चादर में लिपटे शव की गुत्थी: नशे में बहस के बाद ईंट से की थी ऋतिक की हत... लुधियाना में दर्दनाक हादसा: सूआ रोड पर तेज रफ्तार मैक्स ट्रक ने स्कूटी को मारी टक्कर, 20 वर्षीय ढाबा... जालंधर के पॉश इलाके अर्बन एस्टेट में बड़ा हादसा, बेकाबू आई-20 कार सीधे शोरूम में जा घुसी सोने-चांदी के नए भाव जारी: 24 कैरेट सोना ₹1.54 लाख पर स्थिर, चांदी ₹1,800 उछलकर ₹2.40 लाख के पार जालंधर के बूटा पिंड में देर रात दहशत: पुरानी रंजिश में घर पर अंधाधुंध फायरिंग, गाड़ियों के तोड़े शीश... अंबाला में इंसानियत शर्मसार: 13 वर्षीय मूक-बधिर बच्ची से घर में घुसकर पड़ोसी ने की छेड़खानी, आरोपी ग... यमुनानगर में अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में सड़कों पर उतरे किसान: जगाधरी मंडी में प्रदर्शन के बाद दी... पंचकूला: कंस्ट्रक्शन कंपनी की अकाउंटेंट को झांसे में लेकर ₹3.16 करोड़ की साइबर ठगी, साइबर थाना सेक्ट... हरियाणा में टली बिजली कर्मचारियों की हड़ताल: ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ बैठक में बनी सहमति, हड़ताल... सोनीपत में सनसनीखेज खुलासा: असम से खरीदकर लाई गई नाबालिग की मौत पर गड्ढे में दबाया शव, आरोपी महिला ग...
विदेश

महाराज चार्ल्स तृतीय जर्मन संसद को संबोधित करने वाले पहले राष्ट्र प्रमुख 

लंदन । महाराज चार्ल्स तृतीय को जर्मन संसद बुंडेस्टैग को संबोधित करने वाले ब्रिटेन के पहले राष्ट्र प्रमुख बन गए। उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर केंद्रित अपनी यात्रा के दौरान जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज से भी मुलाकात की। खचाखच भरे निचले सदन में सांसदों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित कर चार्ल्स ने ब्रिटेन और जर्मनी के बीच घनिष्ठ संबंधों पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने हनोवर के राजघराने से अपने पारिवारिक संबंध और वर्तमान आर्थिक, वैज्ञानिक, सांस्कृतिक तथा दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग का जिक्र किया।
चार्ल्स ने कहा कि रूस के आक्रमण को रोकने के प्रयासों में लंदन और बर्लिन ने यूक्रेन को काफी सहायता प्रदान की है। चार्ल्स ने जब अपना संबोधन समाप्त किया, तब सांसदों ने काफी समय तक खड़े होकर तालियां बजाईं, जो जर्मनी की संसद में शायद ही कभी देखा गया हो। चार्ल्स (74) ब्रिटेन की राजगद्दी पर आसीन होने के बाद बुधवार को पहली विदेश यात्रा पर बर्लिन पहुंचे और उनके साथ रानी कैमिला भी हैं। जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक वाल्टर स्टेनमीयर और लोगों की भीड़ ने राजधानी स्थित ऐतिहासिक ब्रांडेनबर्ग गेट पर उनका स्वागत किया।

Related Articles

Back to top button