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मध्यप्रदेश

मध्य प्रदेश का पहला पंप स्टोरेज पावर प्लांट खंडवा जिले के नर्मदानगर में लगेगा

खंडवा। पावर हब खंडवा जिला हाइडल, थर्मल से बिजली उत्पादन के साथ ही अब हरित ऊर्जा की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। 600 मेगावाट सोलर पावर प्रोजेक्ट के बाद पंप स्टोरेज पावर परियोजना से 525 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। यह प्रदेश की पहली बिजली उत्पादन परियोजना है। यहां बनने वाली बिजली सुबह-शाम पीक आवर्स में बिजली की अतिरिक्त मांग को पूरा करने में कारगर साबित होगी।

दिन में सोलर से पैदा होने वाली सरप्लस बिजली से इसका संचालन होगा। नर्मदा हाइड्रोइलेक्ट्रिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एनएचडीसी) के इस प्रस्ताव को प्रदेश सरकार से हरी झंडी मिल चुकी है। केंद्र सरकार से अनुमति के बाद इसका निर्माण शुरू हो जाएगा।

एनएचडीसी लिमिटेड के प्रबंध निर्देशक वीके सिन्हा ने बताया कि खंडवा जिले के नर्मदानगर में इंदिरा सागर बांध के पास 525 मेगावाट पंप स्टोरेज परियोजना का निर्माण एनएचडीसी करेगा। इसके लिए इंदिरा सागर परियोजना के मौजूदा जलाशयों इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर के बैकवाटर का इस्तेमाल किया जाएगा। इस पंप स्टोरेज परियोजना की मदद से बनेनी वाली बिजली राज्य की जरूरतों को पूरा करेगी।

परियोजना पीक आवर्स के दौरान 1226.93 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। इस पर 4,200 करोड़ रुपये की लागत अनुमानित है। मध्य प्रदेश सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग ने यह परियोजना एनएचडीसी लिमिटेड को आवंटित की है। जल्द ही इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर केंद्र सरकार सहित अन्य विभागों को स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी।

प्रबंध निदेशक सिन्हा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2030 तक देश में पांच हजार मेगावाट गैर परंपरागत ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। इसी कड़ी में एनएचडीसी का प्रयास हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी व आत्मनिर्भर प्रदेश बनाने में मदद करना है।

ऐतिहासिक शहर सांची में आठ मेगावाट की सौर परियोजना और ओंकारेश्वर जलाशय पर 88 मेगावाट की फ्लोटिंग सौर परियोजना का निर्माण कार्य जारी है। एनएचडीसी देगा 2175 मेगावाट का योगदानइंदिरा सागर बांध परियोजना प्रमुख एके सिंह ने बताया कि खंडवा जिले में एनएचडीसी लिमिटेड के दो हाइडल पावर स्टेशन इंदिरा सागर पावर स्टेशन 1000 मेगावाट और ओंकारेश्वर पावर स्टेशन 520 मेगावाट काम कर रहे हैं।

इन पावर स्टेशनों द्वारा उत्पादित शत-प्रतिशत बिजली की आपूर्ति प्रदेश में हो रही है। वहीं ओंकारेश्वर के बैक वाटर में करीब 100 मेगावाट सोलर पावर और पंप स्टोरेज परियोजना से 525 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगा। इससे प्रदेश को एनएचडीसी अपनी सभी परियोजनाओं से करीब 2175 मेगावाट बिजली का योगदान देगा।

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