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मध्यप्रदेश

साहित्यकारों-कलाकारों को उपचार के लिए 50 हजार रुपये तक सहायता देगी मप्र सरकार

भोपाल। मध्य प्रदेश के साहित्यकारों एवं कलाकारों को राज्य सरकार बीमारी या दुर्घटना होने पर उपचार के लिए और दैवीय विपत्ति आने पर 50 हजार रुपये तक की वित्तीय सहायता देगी।

ऐसे ही साहित्यकार या कलाकार को दिव्यांगता के उपचार और उनकी मौत होने पर उनके आश्रित को एक-एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता भी देगी। शासन ने ‘मध्य प्रदेश कलाकार एवं साहित्यकार कल्याण कोष’ में इसका प्रविधान किया है। इसके नियम जारी कर दिए गए हैं।

जरूरतमंदों को इसके लिए आवेदन करना होगा। जिसमें उन्हें आय, बीमारी, दिव्यांगता सहित बैंक से संबंधित दस्तावेज भी देने होंगे।

नियमों के अनुसार वित्तीय सहायता के लिए ऐसे साहित्यकार या कलाकार की समस्त स्रोतों से मासिक आय 10 हजार रुपये और परिवार की आय 20 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

मासिक आय की गणना प्रतिवर्ष छह प्रतिशत की वृद्धि के साथ हो सकेगी। सहायता के लिए उनके आश्रित माता-पिता, नाबालिग भाई-बहन, पुत्र-पुत्री और विधवा बेटी भी पात्र होंगे।

आश्रितों को यह सहायता रोजगार मिलने, विवाह होने या 21 वर्ष की आयु होने तक ही दी जाएगी। सरकारी, स्वयत्तशासी एवं अर्द्धशासकीय संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारी योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।

साहित्यकार या कलाकार दूसरी बार भी सहायता ले सकेंगे, पर उसका निर्णय संचालक संस्कृति की अध्यक्षता में गठित समिति करेगी। जिसका निर्णय अंतिम होगा।

दान की राशि से भी दी जाएगी सहायता

प्रारंभ में कोष के लिए सरकार अंशदान देगी, बाद में इसे शासन से प्राप्त अनुदान, संस्कृति विभाग से मिलने वाले अंशदान और कलाकारों-साहित्यकारों की संस्थाओं से प्राप्त होने वाले दान से चलाया जाएगा। बता दें कि खजुराहो में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह घोषणा की थी।

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