ब्रेकिंग
दिव्यांग विवाह समारोह में व्हील चेयर पर दुल्हन, दूल्हे के साथ लिए फेरे…भावुक हुए लोग पिथौरागढ़ में लैंडस्लाइड से बंद हुई सुरंग… अंदर फंस गए 19 मजदूर, अब तक 8 को बचाया केंद्र सरकार राज्य के सभी 60,000 करोड़ रुपये के फंड जारी करे : भगवंत मान ने प्रधानमंत्री से की अपील बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 14936 लोगों को सुरक्षित निकाला गया : हरदीप सिंह मुंडियां पीएम मोदी ने किया हैदराबाद लिबरेशन डे का जिक्र, बताए निजाम और रजाकरों के अत्याचार महाराष्ट्र मराठा आरक्षण: कल से पानी भी छोड़ देंगे मनोज जरांगे पाटिल, समर्थकों से बोले- किसी से रेनको... दिल्ली: ‘साबुन, ऑल आउट, स्प्रे…’ फैक्ट्री में बन रहे थे नकली प्रोडक्ट, इन्हें मिला था सप्लाई का जिम्... लखनऊ: धमाके से आधा मकान तबाह, हर तरफ धुआं और लपटें…जिंदा जल गया फैक्ट्री मालिक आलम का परिवार; बेहटा ... दो ब्रेन सर्जरी के बाद भी सद्गुरु ने बाइक से पूरी की कैलाश यात्रा, 18 हजार फीट ऊंचाई तक गए, बताई योग... ओडिशा में 1,396 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी ने पोर्श, बीएमडब्ल्यू और आभूषण जब्त किए
मध्यप्रदेश

असहाय बच्चों के पालन-पोषण के लिए मध्य प्रदेश सरकार देगी चार हजार रुपये

इंदौर। लाड़ली बहना योजना के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार अनाथ-बेसहारा बच्चों का भी पालन-पोषण भी करेगी। इसके लिए सरकार ने एक योजना लागू करने की तैयारी की है। इसके तहत बेसहारा बच्चों को चार हजार रुपये प्रति माह दी जाएंगे। इसके लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार माता-पिता खो चुके बच्चों के लिए सरकार ने बाल आशीर्वाद योजना शुरू की है। इसके लिए बच्चों की उम्र 18 वर्ष से कम होना चाहिए। इसके लिए बच्चों के आवेदन आंगनवाड़ी केंद्रों पर लिए जा रहे हैं। आवेदन स्वीकार करने की समय-सीमा के पश्चात इनकी जांच की जाएगी। शहर की कई बस्तियों में रहने वाले बच्चों को इसका लाभ देने के लिए विभाग अभियान चलाने पर भी विचार कर रहा है।

इसके लिए पात्र ऐसे बच्चे होंगे जिनके माता-पिता की मौत हो चुकी है। ऐसे बच्चों का करीबी रिश्तेदार या संरक्षक की देख-रेख में पालन-पोषण हो रहा है। इसके लिए सबसे जरूरी यह बात है कि कोविड-19 बाल सेवा योजना के तहत बच्चा पात्र नहीं होना चाहिए, वही बच्चे इसके पात्र होंगे। यह भी जरूरी है कि ऐसे बच्चे कम से कम पांच वर्ष तक शहर के निवासी भी होना चाहिए। पात्र हितग्राही शहर के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर अपने आवेदन जमा कर सकते हैं।

जांच के बाद सरकार को भेजेंगे रिपोर्ट

विभागीय जानकारी अनुसार आंगनवाड़ी केंद्रों और विभाग के कार्यालय में प्राप्त आवेदनों की जांच के पश्चात इसकी रिपोर्ट वरिष्ठ कार्यालय भेजी जाएगी। वहां से निर्देश प्राप्त होने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी। उसके बाद ही डीबीटी और अन्य कार्रवाई भी करवाई जाएगी।

Related Articles

Back to top button