ब्रेकिंग
1984 सिख-विरोधी दंगों के दोषी पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का 80 साल की उम्र में निधन, तिहाड़ से... राजीव गांधी की जयंती पर PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, सोनिया-राहुल और खरगे ने 'वीर भूमि' पर अर्पित किए ... 'वंदे मातरम्' पर सियासी घमासान: अमित शाह बोले- 2 छंद गाने का कांग्रेस का फैसला देश विरोधी, वेणुगोपाल... तेलंगाना के सिद्दिपेट में भीषण सड़क हादसा: 20 फीट गहरे कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 4 लोगों की... उत्तराखंड में PMAY-U को मिली नई रफ्तार, दिसंबर तक 15 हजार परिवारों को मिलेगी पक्की छत प्रयागराज में भारी बारिश से हाहाकार: सड़कों पर भरा पानी, जलभराव पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त; DM और नग... हमीरपुर में फूड रेड के दौरान हड़कंप: SDM के कहने पर दुकानदार ने अपनी ही दुकान की मिठाई खाने से किया ... गोमतीनगर में दिल दहला देने वाला तिहरा हत्याकांड: पत्नी और बहन की हत्या के बाद मैनेजर ने की खुदकुशी दिल्ली मास्टर प्लान-2047 को केंद्र की मंजूरी: 40 लाख नए फ्लैट्स, नरेला एजुकेशन हब और मेट्रो विस्तार ... संसद में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर मतदान, राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा
दिल्ली/NCR

राजधानी में गणेश विसर्जन को लेकर जारी हुई गाइडलाइन, नदी में मूर्ति विसर्जन पर लगेगा 50 हजार का जुर्माना

नई दिल्ली।  इसी महीने के 17 तारीख से गणेश चतुर्थी का त्योहार शुरु हो रहा है। इसकी के साथ गणेश उत्सव की शुरुआत हो जाएगी। गणपति जी को लेकर भक्तों में अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है। गणेश जी दस दिन विराजमान रहेंगे जिसके बाद आनंद चतुर्थी को ​गणेश जी की विसर्जन होगी। वहीं राजधानी दिल्ली में गणेश विसर्जन को लेकर गाइडलाइन जारी की गई है। जानकारी के अनुसार, गणेश पूजा और दुर्गा पूजा के दौरान यदि यमुना में मूर्ति विसर्जन किया तो 50 हजार रुपये का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

 डीपीसीसी (दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड) ने इसके लिए गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। इन गाइडलाइंस में डीपीसीसी ने साफ किया है कि नैशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा के 2019 और 2021 में जारी आदेश के अनुसार गंगा और उसकी सहायक नदियों में मूर्ति विसर्जन करने पर 50 हजार रुपये का एनवायरमेंटल कंपनसेशन लगाया जाएगा। वहीं, एनएमसीजी के एनवायरमेंटल प्रोटेक्शन एक्ट 1986 के सेक्शन-5 के अनुसार नदियों को प्रदूषित करने पर एक लाख रुपये जुर्माना, जेल या दोनों हो सकते हैं।

मूर्तिकारों के लिए गाइडलाइन

मूर्ति बनाने के लिए प्रकृतिक मिट्टी, बायोडिग्रेडेबल मैटीरियल का इस्तेमाल करें

मूर्ति को सजाने के लिए प्राकृतिक रंगों व बायोडिग्रेडेबल मैटीरियल का इस्तेमाल करें

पीओपी की मूर्तियां तलाबों, नदियों और जोहड़ों, झीलों में विसर्जित नहीं की जा सकती। इसलिए इन्हें न बनाएं

Related Articles

Back to top button