पूजा में इसलिए उपयोग करते हैं आम के पत्ते, ये उपाय करेंगे तो जीवन से दूर होगी बदहाली
इंदौर। सनातन धर्म में पूजा-पाठ के दौरान आम के पत्तों का उपयोग शुभ माना जाता है। वैदिक अनुष्ठान के दौरान आम के पत्तों के साथ-साथ हवन के लिए आम के पेड़ की लकड़ियों का उपयोग किया जाता है। पौराणिक मान्यता है कि आम के पत्तों व लड़कियों के बगैर पूजा-पाठ व वैदिक अनुष्ठान अधूरे होते हैं।
इसलिए शुभ होते हैं आम के पत्ते
पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, पूजा पाठ के दौरान आम के पत्तों का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है क्योंकि आम का पेड़ मंगल का कारक है। आम के पेड़ को मेष राशि का द्योतक माना गया है। यहीं कारण है कि सभी शुभ कार्य या मांगलिक कार्य में आम के पत्तों का उपयोग जरूर किया जाता है।
आम के पत्तों से जुड़े धार्मिक उपाय
धार्मिक मान्यता है कि आम के पत्ते जीवन में चल रही सभी परेशानियों से मुक्ति दिलाते हैं। पूजा पाठ के दौरान यदि आम के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है तो यह जातक के सोए हुए भाग्य को जगाते हैं और घर-परिवार से वास्तु दोष को भी खत्म करते हैं। व्यक्ति को कर्ज और आर्थिक तंगी छुटकारा मिल सकता है।
आर्थिक तंगी हो तो करें ये उपाय
यदि आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं और गरीबी के कारण परिवार की स्थिति ठीक नहीं है तो 11 आम के पत्तों को लेकर कच्चे सूत में बांध लें और इन्हें शहद में डुबो देना चाहिए। इसके बाद इन पत्तों को महादेव के शिवलिंग पर और अशोक सुंदरी को अर्पित करना चाहिए। इससे परिवार में सुख शांति बनी रहती है।
बुरी नजर से बचाते हैं आम के पत्ते
यदि परिवार पर बुरी नजर का साया है तो इससे बचाने में भी आम के पत्तों का उपाय किया जा सकता है। घर में नकारात्मकता का वास होने पर हवन कराने के साथ मुख्य दरवाजे पर आम के पत्तों की तोरण लटकाना चाहिए।
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