ब्रेकिंग
Maharashtra Rain Havoc: महाराष्ट्र में बारिश बनी काल, लापरवाही के चलते 9 लोगों की दर्दनाक मौत; जानें... How to Get Glass Hair: कोरियन हेयर केयर रूटीन से पाएं स्मूथ, शाइनी और हेल्दी बाल; जानें आसान तरीका Women's T20 World Cup 2026 Final: ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड के बीच खिताबी जंग, जानें विजेता टीम को म... Bollywood News: अक्षय कुमार की कमाई का नया जरिया, मुंबई में करोड़ों की प्रॉपर्टी बेचकर कमाए भारी मुना... Mental Health Crisis: युद्ध के मैदान से लौटे सैनिकों में PTSD का खतरा, इजराइल में 1 लाख तक पहुंच सकत... Crude Oil Prices: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का पेट्रोल-डीजल पर असर, सरकार ने साफ की स्थिति WhatsApp, Telegram & Signal News: यूजरनेम फीचर पर बढ़ी सरकार की सख्ती, फ्रॉड के डर से मांगा जवाब Budh Margi 2026: 25 जुलाई को बुध अपनी ही राशि में होंगे मार्गी, इन 4 राशियों को रहना होगा बेहद सावधा... Benefits of Oats: ओट्स खाने के जबरदस्त फायदे, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर नाश्ते के लिए अपनाएं ये तरीक... Etah Road Accident: एटा में भीषण सड़क हादसा, सड़क किनारे खड़ी बस को कंटेनर ने मारी टक्कर; 5 की मौत, ...
मध्यप्रदेश

चाय का नाम सुनते होता है ताजगी का अहसास, जबलपुर के यह स्थान फ्रेंड्स मीटिंग प्वाइंट बन चुके

जबलपुर। आज अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस है। पहले चाय कुछ ही फ्लेवर में आती है, लेकिन अब शहर के कई ऐसे स्थान है, जहां विभिन्न फ्लेवर की चाय मिलती है। चाय के पीने के साथ ही ये स्थान फ्रेंड्स के मीटिंग प्वाइंट की बन चुके है। शहर में कट चाय से लेकर कुल्हड़ वाली चाय फेमस हो चुकी है। साथ ही किटी में चाय में ही फेमस है। किटी पार्टी में चाय ना हाे तो पार्टी का मजा ही नहीं आता है।

किसी को पसंद है सीधी-साधी, तो किसी को कड़क

 

किसी को भा रही कली-दिलवाली तो किसी को बेगम इलायची। इस तरह चाय के अलग-अलग फ्लेवर के साथ नाम भी आकर्षित कर रहे है। ब्लैकटी, तंदूर चाय, कुल्हड़ भी भा रही है। चाय का नाम सुनते ही ताजगी का अहसास होने लगता है। चाहे कोई भी मौसम हो, चाय हर किसी को भाती है। सुबह की शुरुआत से लेकर शाम का ढलना तक हर सीजन में चाय पर ही होता है। चाहे कितनी भी थकान चाय की एक चुस्की दिलों-दिमाग को रिफ्रेंश कर देती है। काम की टेंशन हो या फिर एग्जाम का फीवर इसका एकमात्र चाय ही है। सिरदर्द में भी चाय बहुत साथ देती है।

 

दिन की शुरुआत चाय के ठीए से

शहर में चाय की ठीए प्रसिद्ध है। कई लोगों के दिन की शुरुआत भी यहीं से होती है। यहां जाने बिना दिन की शुरुआत नहीं होती है। युवाओं के ठीए तो फिक्स है। उनके भी दिन की शुरुआत यीं से होती है। चाय पर चर्चा से विभिन्न टापिक पर डिस्कशन हो जाता है। वहीं आफिस के बाद शाम की मीटिंग भी यहीं पर होती है। अब तो चाय का सर्विंग स्टाइल भी बदल गया है। विभिन्न स्थानों पर चाय की कीमत अलग-अलग है। चाय की टपरी से लेकर होटल तक चाय की कीमत अलग है। जहां टपरी पर चाय 10 रुपए की है, ताे वहीं नामी होटलो में चाय की कीमत 300 रुपए तक है।

 

तंदूर चाय भी प्रसिद्ध

 

चाय में कई तरह के इनोवेशन किए गए है। ब्लैक टी के साथ ही चाय में विभिन्न फ्लेवर भी है। सीधी-साधी, कड़क-अकड़, कली-दिलवाली, बेगम इलायची, तंदूर चाय, कुल्हड़ चाय आदि पसंद किए जा रहे है। समर में मिंट और लेमन टी की डिमांड ज्यादा होती है। शहर में चायपत्ती की शाही चाय, दार्जिलिंग टी, मसाला टी, चाकलेट पत्ती, ग्रीन टी के भी कई फ्लेवर्स आए है। चाहे सर्विंग स्टाइल में कितना भी परिवर्तन आ जाए, लेकिन अब तक लोगों हर सीजन में वेलकम ड्रिंक्स के रूप में चाय को भी शामिल किया जाता है। इसके साथ ही यह लोगों की हेल्दी बनाने का काम भी करती है। इसमें ग्रीन टी में जहां कोलेस्ट्राल की प्राब्लम दूर होती है, वहीं स्किन स्पाट्स भी दूर होते हैं। ब्लैक टी एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होती है, जो कि बाडी के लिए बेस्ट है।

 

ये है शहर के प्रसिद्ध स्थान

 

लेबर चौक, विजय नगर, सदर, नेपियर टाउन, सिविल लाइंस, गोलबाजार, बस स्टैंड आदि जगहों पर चाय के पुराने ठीए हैं। साथ ही शहर राइट टाउन में चाय की बहुत सारी नई दुकानें भी खुल गई है। जो युवाओं को भाती है। शहर में चाय की कई पुरानी टपरियां भी है, जहां से लोगों के दिन की शुरुआत होती है।

 

चाय दिवस का इतिहास

 

पहला अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस 2005 में भारत की राजधानी नई दिल्ली में मनाया गया था, और बाद में अन्य चाय उगाने वाले देशों – श्रीलंका, नेपाल, वियतनाम, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, केन्या, मलावी, मलेशिया, युगांडा और तंजानिया जैसे देशों में भी मनाया जाने लगा। दस साल बाद भारत सरकार ने 2015 में चाय पर एफएओ अंतर-सरकारी समूह के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के पालन का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा, जो विश्व स्तर पर चाय के अर्थव्यवस्था का समर्थन करने के लिए अनेकों प्रयासों का नेतृत्व करता है।

 

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 मई को निर्णय लिया

 

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 मई को अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के रूप में नामित करने का निर्णय लिया। चाय का एक लंबा इतिहास है और यह विभिन्न देशों की संस्कृतियों में गहराई से समाई हुई है। इन देशों में चाय न केवल एक लोकप्रिय पेय है, बल्कि कई समाजों में सामाजिक रीति-रिवाजों, समारोहों और आतिथ्य में भी अहम भूमिका निभाती है। चाय उद्योग दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए आजीविका का एक प्रमुख स्रोत है खासतौर से चाय उगाए जाने वाले क्षेत्रों में। अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस चाय क्षेत्र के आर्थिक मूल्य को पहचानने के लिए है और इसका उद्देश्य स्थायी चाय उत्पादन और निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं को बढ़ावा देना है।

Related Articles

Back to top button