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उत्तराखंड

दिल्ली में PM मोदी से मिले CM धामी, उत्तराखंड में जल विद्युत परियोजना समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे. सीएम धामी ने तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री का दायित्व संभालने पर उन्हें शुभकामनाएं दी. सीएम धामी ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री को महासू मंदिर की प्रतिकृति भी भेंट की. मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए जल विद्युत परियोजनाओं से राज्य की जीडीपी में बढ़ोत्तरी होगी.

उन्होंने बताया कि राज्य की विद्युत ऊर्जा की जरूरतों की पूर्ति के लिए उत्तराखंड को खुले बाजार से हर साल करीब 1000 करोड़ की ऊर्जा खरीदनी पड़ती है, जिससे राज्य के वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. मुख्यमंत्री ने अलकनंदा, भगीरथी और सहायक नदियों में प्रस्तावित 24 जल विद्युत परियोजनाओं के बारे में कोर्ट के निर्देश पर गठित विशेषज्ञ समिति-2 की अन्तिम रिपोर्ट पर जल शक्ति मंत्रालय और विद्युत मंत्रालय के साथ पुनर्समीक्षा करने के लिए प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है.

सड़क निर्माण और वृक्षारोपण में आ रही कठिनाई

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि उत्तराखंड राज्य की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों के चलते राज्य में भारत सरकार और उनकी एजेन्सियों से सड़क निर्माण परियोजना को सुचारू रूप से क्रियान्वित किये जाने के लिए वृक्षारोपण में कठिनाई आ रही है. क्योंकि मौजूदा वन संरक्षण एवं सवंर्धन नियम तथा गाईडलाईन 2023 के मुताबिक प्रयोजन के लिए केवल गैर वन भूमि को आधार बनाया गया है. इसमें प्राविधान यह है कि राजस्व विभाग के अभिलेख में दर्ज वन भूमि जो वन विभाग के नियत्रंण में नहीं है, में दो गुना वन भूमि पर क्षतिपूरक वृक्षारोपण किया जा सकता है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड 67 फीसदी वन आच्छादित क्षेत्र है. राज्य के विकास कार्यों के लिए यहां भूमि की कमी है. उत्तराखंड सामरिक महत्व वाला राज्य भी है. राज्य में वन भूमि में भारत सरकार के अनेक संस्थानों एनएचएआई, बीआरओ, आईटीबीपी, रेलवे एवं सेना विभाग के द्वारा सड़क तथा अन्य संरचनाओं के निर्माण में वन संरक्षण एवं सवंर्धन अधिनियम, 2023 के तहत भूमि की कमी के चलते कारण अनुमोदन में विलम्ब हो रहा है.

हरिद्वार से भूमि हस्तांतरण कराने का भी अनुरोध

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से राज्य में निवेश प्रोत्साहन के लिए Multi Model Logistics Park तथा औद्योगिक विकास हेतु BHEL हरिद्वार से राज्य को भूमि हस्तान्तरण का अनुरोध किया. मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि भारत सरकार एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से 1002 एकड़ भूमि पर एकीकृत विनिर्माण कलस्टर, खुरपिया का निर्माण 50-50 फीसदी की हिस्सेदारी के तहत किया जा रहा है. राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई भूमि का मूल्य रू 410 करोड़ है और सभी एनओसी प्राप्त है. मुख्यमंत्री ने Integrated Manufacturing Cluster, खुरपिया के अनुमोदन के लिए प्रधानमंत्री से आग्रह किया है.

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी अवगत कराया कि मानसखंड मन्दिर माला मिशन के तहत अचिन्हित 48 पौराणिक मन्दिरों में से 16 मन्दिरों में अवस्थापना विकास के कार्य शुरू हो चुके हैं. इन मंदिर मार्गों को 02 लेन करने और आपसी कनेक्टिविटी के लिए प्रधानमंत्री जी से 01 हजार करोड़ रूपये की सहायता प्रदान करने का अनुरोध भी मुख्यमंत्री ने किया.

रेल सेवाओं के विस्तार को मंजूरी देने का अनुरोध

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी से उत्तराखंड में रेल सेवाओं के विस्तार के लिए देहरादून-मसूरी रेल लाईन परियोजना की स्वीकृति के लिए अनुरोध किया. उत्तराखंड में प्रस्तावित ज्योलिकांग-वेदांग 05 किमी, सीपू-तोला 22 किमी. और मिलम- लैपथल 30 किमी टनल परियोजनाओं की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति का अनुरोध भी प्रधानंमंत्री से किया.

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