ब्रेकिंग
सीहोर में प्रशासनिक दावों की खुली पोल, उफनते नाले के बीच कमर तक पानी में जान जोखिम में डालकर निकली श... चिटफंड ठगी पर ED की बड़ी स्ट्राइक: विशाखापट्टनम और हैदराबाद में छापेमारी, ₹1.01 करोड़ कैश बरामद व 18... संसद में नीट पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई पर हंगामा: गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग पर अड़ा विपक्... पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की बढ़ीं कानूनी मुश्किलें, राम मंदिर चोरी पर नुक्कड़ नाटक करने के मामले मे... दलीप ट्रॉफी 2026: वेस्ट जोन टीम में बड़ा बदलाव, सरफराज खान की जगह 25 साल के जय गोहिल को मिला मौका फरहान अख्तर का रणवीर सिंह पर तीखा तंज: 'डॉन 3' की शूटिंग से 1 महीने पहले एक्टर के पीछे हटने पर बयां ... रूस की सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, यूक्रेन युद्ध का विरोध करने वाली एकमात्र पार्टी 'याब्लोको' चुनाव... प्राइमरी मार्केट में कमाई का महा-कुंभ: 30 सितंबर की SEBI डेडलाइन से पहले ₹45,000 करोड़ के IPO लाने क... होटल का Wi-Fi इस्तेमाल करते हैं तो हो जाएं सावधान! माइक्रोसॉफ्ट ने 'कैप्टिवक्रंच' साइबर अटैक को लेकर... नाग पंचमी 2026: सावन सोमवार और नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग! जानें नाग देवता की पूजा की परंपरा और कथा
मध्यप्रदेश

जबलपुर, दिल्ली और अब राजकोट…तीन दिन में 3 एयरपोर्ट हादसों ने खोली ‘विकास’ की पोल

भीषण गर्मी के बाद उत्तर भारत में मानसून ने दस्तक दी. एक तरफ तपती धरती को राहत तो मिली लेकिन बरसते बदरा अपने साथ मौत भी लेकर आए. शुक्रवार को भारी बारिश के वजह से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) का एक हिस्सा टूटकर गिर गया था. हादसे में एक कैब ड्राइवर की मौत हो गई. वहीं, आज गुजरात के राजकोट एयरपोर्ट की छत का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया है. राजकोट अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के पैसेंजर पिकअप और ड्रॉप एरिया की कैनोपी का एक हिस्सा भरभरा कर गिरने से ये हादसा हुआ. घटना में किसी के भी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है. गौरतलब है कि पिछले तीन दिनों में, एयरपोर्ट पर होने वाली ऐसी तीसरी घटना है.

राजधानी दिल्ली में जैसे भारी बारिश के बाद हादसा हुआ था, राजकोट में भी बारिश के कारण ही ये हादसा हुआ है. हालांकि, गनीमत रही की हादसे के वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था. राजकोट हवाई अड्डे के निदेशक दिंगत बहोरा के अनुसार बारिश के कारण हवाई अड्डे के आगे की छत में जलभराव हो गया था. इसी के कारण ये हादसा हुआ है. जुलाई 2023 में ही राजकोट के नए एयरपोर्ट का उद्घाटन हुआ था. ऐसे में सवाल ये भी खड़े हो रहे हैं कि दूसरा मानसून आते ही इसकी हालत पस्त हो गई है.

तीन दिन में तीसरी घटना

देश के अलग-अलग हवाई अड्डों पर होने वाली ऐसी तीसरी घटना है. गुरुवार (27 जून) को मध्य प्रदेश के जबलपुर एयरपोर्ट पर भी, कपड़े की छतरी का एक हिस्सा ढह गया था. इस हादसे में भी किसी के हताहत होने की जानकारी सामने नहीं आई. हालांकि, जिस जगह ये हादसे हुआ, वहां नीचे एक गाड़ी खड़ी थी जो मलबे में दब गई.

शुक्रवार (28 जून) को दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर हादसा हुआ था. छत का हिस्सा गिरने से एक कैब ड्राइवर की जान चली गई थी. वहीं, कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हो गए थे. घटना उस वक्त हुई जब टर्मिनल 1 के पास, यात्रियों को ड्रॉप करने आई गाड़ियों की लंबी लाइन लगी हुई थी. तभी तेज हवा और बारिश के कारण, लोहे के तीन सपोर्ट बीम गाड़ियों के ऊपर अचानक गिर गए. इसी हादसे में कई गाड़ियां पूरी तरीके से चकनाचूर हो गई. कई लोगों ने मौके से भाग कर अपनी जान बचा ली, लेकिन एक कैब ड्राइवर की गाड़ी के अंदर ही मौत हो गई.

मुआवजे का ऐलान

दिल्ली एयरपोर्ट हादसे के बाद, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापू ने मृतकों के परिवार को 20 लाख रुपये और मामूली रूप से घायलों को 3-3 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, गुजरात एयरपोर्ट पर हुआ हादसे के पीछे की वजह कैनोपी में जमा पानी बाहर निकालने के लिए हो रहे काम के दौरान हुई. मंत्रालय ने इस घटना में की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

स्ट्रक्चरल ऑडिट का आदेश

एयरपोर्ट पर लगातार होने वाले हादसों के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय एक्शन में आया है. मंत्रालय ने दिल्ली एयरपोर्ट हादसे के बाद देश के सभी एयरपोर्ट के स्ट्रक्चरल ऑडिट का आदेश दिया है. आदेश के अनुसार अगले दो से पांच दिन में निरीक्षण पूरा करके रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है.

Related Articles

Back to top button