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मध्यप्रदेश

इंदौर में 500 शिक्षकों ने बड़ा पद लेने से कर दिया इनकार, माध्यमिक शिक्षक बनाने के लिए हुई थी काउंसलिंग

इंदौर। माध्यमिक स्तर के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने सोमवार को काउंसलिंग आयोजित की थी, जिसमें जिले के 2500 प्राथमिक शिक्षकों को उच्च पद का प्रभार देना था। लेकिन 500 से अधिक शिक्षक ऐसे भी रहे, जिन्होंने उच्च पद का प्रभाव लेने से साफ मना कर दिया।

रात 12 बजे तक चली इस काउंसलिंग में बाकी के शिक्षकों को विषय वार अलग-अलग माध्यमिक संस्थानों के लिए प्रभार सौंपा गया। वही सुबह जब काउंसलिंग शुरू हुई थी तब सूची में कई विसंगति होने के चलते शिक्षक संगठनों में भी नाराजगी जाहिर की थी। जिसके बाद सूची को तुरंत अपडेट किया गया।

लिस्ट अपडेट नहीं थी

मिडिल स्कूलों में खाली पड़े पदों को भरने के लिए शिक्षा विभाग ने सोमवार को काउंसलिंग आयोजित की थी। इस काउंसलिंग के लिए संयुक्त संचालक लोक शिक्षण कार्यालय द्वारा सूची जारी की गई थी, जिसमें कई विसंगतिया थी। सूची अपडेट नहीं थी।

कहीं शिक्षकों के नाम छूट गए थे, तो कहीं शिक्षकों के नाम के आगे गलत विषय लिखा गया था। वहीं कई शिक्षक ऐसे भी आ गए थे, जो कट ऑफ डेट के बाद के थे। शुरुआत में शिक्षकों ने इस काउंसलिंग को लेकर विरोध भी किया।

विषय वार अलग-अलग शिक्षकों को बैठाया गया

इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी और उनकी टीम ने तुरंत सूची में सुधार किया और काउंसलिंग शुरू करवाई। काउंसलिंग के लिए विषय वार अलग-अलग कक्षाओं में शिक्षकों को बैठाया गया था। यहां सबसे पहले उन शिक्षकों की सूची तैयार की गई जो की उच्च पद प्रभार पर नहीं जाना चाहते थे।

करीब 500 ऐसे शिक्षक निकले जिन्होंने उच्च पद पर जाने से मना कर दिया। इसके बाद रात करीब 12 तक काउंसलिंग चलती रही, जिसमें करीब 2000 शिक्षकों को उच्च प्रभार देते हुए उनके विषय के अनुसार अलग-अलग स्कूलों में प्रभार सौंपा गया।

सुबह से रात तक लगा रहा 50 लोगों का स्टॉफ

इस काउंसलिंग के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 29 प्रचार्य, व्याख्याता, सहायक ग्रेड 2 और 3 सहित कुल 50 से अधिक कर्मचारियों का स्टॉफ लग रहा। कई बार शिक्षक संगठनों द्वारा भी विरोध और दबाव डाला गया। बावजूद टीम अपना काम करती रही। जिला शिक्षा अधिकारी सुषमा वैश्य ने बताया कि देर रात काउंसलिंग पूरी कर ली गई है, अब समरी तैयार की जाएगी।

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