ब्रेकिंग
धार्मिक यात्रा का दुखद अंत: भोपाल के पास खूनी संघर्ष, ट्रैक्टर से टकराई पिकअप; 5 श्रद्धालुओं ने मौके... सड़क पर शव रख किन्नरों का बवाल: सागर में मर्डर या सुसाइड? जबरन गोमांस खिलाने के आरोपों ने बढ़ाई पुलि... केरल में खेल जगत को लगा सदमा: SAI हॉस्टल में मिली दो महिला खिलाड़ियों की लाश, सुसाइड या साजिश? जांच ... संवैधानिक संकट या सियासी साज़िश? रांची में ED बनाम पुलिस; बाबूलाल मरांडी बोले— 'नहीं सहेंगे बंगाल जै... नोएडा-ग्रेटर नोएडा के 'लापता' वोटर्स पर एक्शन: 1.76 लाख लोगों को नोटिस भेजेगा प्रशासन, पेशी के बाद ह... BMC इलेक्शन 2026: मतदान केंद्र पर फिल्मी सितारों की कतार, सुनील शेट्टी के 'खास मैसेज' ने युवाओं में ... काव्या मारन का मास्टरस्ट्रोक: जिस खिलाड़ी पर लगाया दांव, उसने पहले ही मैच में टीम को बना दिया चैंपिय... ईरान का ट्रंप को खौफनाक अल्टीमेटम: सरकारी टीवी पर जारी किया 'डेथ वारंट', लिखा— इस बार गोली सीधे पार ... RBI का बड़ा मास्टरस्ट्रोक: भारतीय बैंकिंग को मिलेगी नई ऊर्जा, युवाओं के लिए खुलेंगे करियर के हजारों ... Google Gemini हुआ पहले से ज्यादा ‘स्मार्ट’, ऐप में जुड़ा Personal Intelligence फीचर
मध्यप्रदेश

नवरात्रि पर नव दुर्गा समिति ने दुल्हन की तरह सजाई मस्जिद, बोहरा समाज ने श्रद्धालुओं को बांटी प्रसादी, माता से लगाई अर्जी

गुना : गुना शहर में नवरात्रि महोत्सव के दौरान माता रानी की भक्ति, आराधना के बीच गंगा-जमुनी तहजीब और साम्प्रदायिक एकता की मिसाल भी देखने को मिली है। दुर्गा अष्टमी के मौके पर माता रानी की विदाई बेला से ठीक पहले जब शहर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा तो शिया दाऊदी बोहरा समाज ने भक्तों का जोरदार स्वागत किया। समाज की ओर से बोहरा मस्जिद चौक पर स्टॉल लगाई गई, जहां श्रद्धालुओं का हलवा और पानी के पाऊच प्रसादी के रूप में बांटे गए।

बोहरा मस्जिद के समीप लगाई गई चौमुखी दुर्गा प्रतिमा के साथ ही आयोजक संकटमोचन नवदुर्गा समिति ने पूरी बोहरा मस्जिद को भी विद्युत प्रकाश व्यवस्था के साथ दुल्हन की तरह सजाया गया। जिससे आयोजन स्थल के मनोरम दृश्य की भव्यता में चार चांद लग गए।

बोहरा समाज के प्रसादी वितरण में तमाम राजनीतिक दलों के लोग भी पहुंचे, जिन्होंने शिया दाऊदी बोहरा समाज द्वारा हर साल पेश की जा रही साम्प्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल की सराहना की। समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि गुनावासियों की परम्परा एक-दूसरे के त्यौहारों में सहभागी बनने की रही है। इसी का अनुसरण करते हुए उन्होंने स्टॉल लगाई और श्रद्धालुओं को प्रसादी बांटी है। समाज द्वारा माता रानी से अर्जी लगाई कि गुना की सांस्कृतिक विरासत कायम रहे और साम्प्रदायिक सद्भाव के दृष्टिकोण से जिला दुनियाभर में मिसाल बनकर उभरे।

Related Articles

Back to top button