ब्रेकिंग
महिला अनुबंध कर्मचारियों की अतिरिक्त CL की सुविधा वापस: उच्च शिक्षा निदेशालय ने निरस्त किया आदेश हरियाणा के राइस मिलर्स को बड़ी राहत: चावल वापसी की अंतिम तिथि 30 सितंबर तक बढ़ी Chhattisgarh Police Cyber Cell: कोरबा में 8 महीने में 400 से ज्यादा खोए फोन बरामद, डीएसपी ने सौंपा 2... Raipur Crime News: बेटे की मौत का मुआवजा लेने रायपुर आई महिला से 1.60 लाख की उठाईगीरी, ऑटो में कटी प... Chhattisgarh Weather Alert: रायपुर समेत मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी, उमस से म... बेटे की इच्छा पूरी करना पिता को पड़ा भारी: डुमरटोला के तालाब में डूबने से 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत Chhattisgarh News: रायपुर में राज्यपाल और विस अध्यक्ष संग सीएम साय ने देखी 'हनुमान अंश', प्रदेश में ... Bastar Rain Alert: बस्तर में मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर, जगदलपुर में जलभराव; स्कूलों में छुट... Bilaspur Crime News: सिम्स सर्पदंश मुआवजा घोटाला; हार्ट अटैक की मौत पर बना दिए सांप के काटने के निशा... छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर पर केंद्र का बड़ा निर्देश: नेटवर्क वाले क्षेत्रों में मीटर लगाना अनिवार्य
मध्यप्रदेश

रेसीडेंसी कोठी का नाम बदलने पर विधायक उषा ठाकुर ने एमआईसी के फैसले का किया स्वागत, कह दी ये बड़ी बात

इंदौरा। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में एमआईसी की बैठक में इंदौर की रेसीडेंसी कोठी का नाम बदलकर शिवाजी कोठी रखने पर सहमति मिल गई है,इस फैसले पर पूर्व मंत्री और महू से विधायक उषा ठाकुर ने शनिवार को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए,इस फैसले का स्वागत किया है। ब्रिटिश शासन में अंग्रेजों के द्वारा रेसीडेंसी कोठी का निर्माण किया गया था ऐसे में अब अंग्रेजों के द्वारा बनाई गई इस ऐतिहासिक कोठी का नाम बदलकर शिवाजी कोठी किया जा रहा है।

एमआईसी के इस फैसले पर कांग्रेस ने आपत्ति लेते हुए इसे महज राजनीति बताया है,कांग्रेसियों के मुताबिक़ महाराष्ट्र चुनाव को देखते हुए नगर निगम ने ये निर्णय लिया है,कांग्रेस की इस आपत्ति पर भाजपा विधायक उषा ठाकुर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है,उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा की कांग्रेस की सोच का कुछ भी नही किया जा सकता है।

विधायक उषा ठाकुर ने इंदौर के रेसीडेंसी कोठी का नाम शिवाजी कोठी रखे जाने के निर्णय का स्वागत किया है,उन्होंने कहा कि पुरातत्व और ऐतिहासिक महत्व वाली इमारत का नाम भारत के राष्ट्रीय नायक और महापुरुषों के नाम पर किया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी उन राष्ट्र नायकों के बलिदान और कार्यों को सदैव याद रख सके।

Related Articles

Back to top button