ब्रेकिंग
1984 सिख-विरोधी दंगों के दोषी पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का 80 साल की उम्र में निधन, तिहाड़ से... राजीव गांधी की जयंती पर PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, सोनिया-राहुल और खरगे ने 'वीर भूमि' पर अर्पित किए ... 'वंदे मातरम्' पर सियासी घमासान: अमित शाह बोले- 2 छंद गाने का कांग्रेस का फैसला देश विरोधी, वेणुगोपाल... तेलंगाना के सिद्दिपेट में भीषण सड़क हादसा: 20 फीट गहरे कुएं में गिरी कार, एक ही परिवार के 4 लोगों की... उत्तराखंड में PMAY-U को मिली नई रफ्तार, दिसंबर तक 15 हजार परिवारों को मिलेगी पक्की छत प्रयागराज में भारी बारिश से हाहाकार: सड़कों पर भरा पानी, जलभराव पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त; DM और नग... हमीरपुर में फूड रेड के दौरान हड़कंप: SDM के कहने पर दुकानदार ने अपनी ही दुकान की मिठाई खाने से किया ... गोमतीनगर में दिल दहला देने वाला तिहरा हत्याकांड: पत्नी और बहन की हत्या के बाद मैनेजर ने की खुदकुशी दिल्ली मास्टर प्लान-2047 को केंद्र की मंजूरी: 40 लाख नए फ्लैट्स, नरेला एजुकेशन हब और मेट्रो विस्तार ... संसद में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर मतदान, राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा
उत्तरप्रदेश

रूस में हो रही राम-रावण युद्ध की प्रैक्टिस, महाकुंभ 2025 में होगा मंचन

प्रयागराज महाकुंभ की तैयारियां सिर्फ प्रयागराज में ही नहीं, बल्कि देश के बाहर भी चल रही हैं. इस बार महाकुंभ के सांस्कृतिक मंच पर रूस के कलाकार राम और सीता के किरदारों के साथ तुलसी की रामायण को प्रस्तुत करेंगे. रूस के रामलीला कलाकार भी महाकुंभ के लिए विशेष तैयारी कर रहे हैं.

यूक्रेन के साथ युद्ध में व्यस्त रूस की राजधानी मास्को में इन दिनों एक और युद्धाभ्यास चल रहा है. यह युद्ध महाकुंभ में संगम तट पर राम-रावण के बीच लड़ा जाएगा. मास्को स्थित पद्मश्री गेनादी पेचनीकोव स्मारक में रूसी रामलीला का रिहर्सल हो रहा है. दिशा रामलीला मंडली रूस के संयोजक रामेश्वर सिंह हैं, जो खुद तीन से चार घंटे तक रोजाना रिहर्सल कराते हैं.

रूसी रामलीला बनेगी आकर्षण का केंद्र

रामेश्वर सिंह ने बताया कि इस बार महाकुंभ में राम-सीता, लक्ष्मण और रावण के किरदारों की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र बनेगी. भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद की ओर से महाकुंभ में रामलीला की प्रस्तुति के लिए बातचीत चल रही है, हालांकि तिथि अभी तय नहीं हुई है. फिलहाल, कलाकारों ने मास्को में पूर्वाभ्यास शुरू कर दिया है. इस रामलीला में रूसी कलाकार राम की वन गमन यात्रा से लेकर रावण वध तक के विभिन्न प्रसंगों को भारतीय जनमानस में जीवंत रूप से प्रस्तुत करेंगे.

स्वयंवर से राज्याभिषेक तक की झलक

रूसी रामलीला में महाकुंभ में प्रभु श्रीराम का जन्म नहीं दिखाया जाएगा. लीला की शुरुआत सीता स्वयंवर से होगी, जिसमें राजा जनक के प्रण, चिंता और धनुष न टूट पाने के दृश्य प्रदर्शित किए जाएंगे. इसके बाद राम का अयोध्या में प्रवेश, रानी कैकेयी का कोप भवन में जाना, राम वन गमन, सीता हरण, राम-हनुमान भेंट, पंचवटी में सीता, हनुमान का लंका में प्रवेश, और अंत में राम-रावण युद्ध तथा राम का राज्याभिषेक दिखाया जाएगा.

एफगेनी प्रभु श्रीराम और वोल्गा माता सीता के किरदार में नजर आएंगे. लीला के भावों को साकार करने के लिए रूसी कलाकार अत्यधिक मेहनत कर रहे हैं. इसमें राजा जनक की भूमिका में आरगेनी, सुमित्रा के किरदार में एंजलीना, हनुमान के रूप में विक्टर, लक्ष्मण के रूप में एलेग्जे, कैकेयी के रूप में एलेंजेंद्रा और रावण के रूप में लाडोलेट नजर आएंगे.

Related Articles

Back to top button