ब्रेकिंग
PM Modi Jalandhar Visit: 17 जुलाई को पीएम मोदी देंगे पंजाब को बड़ी सौगात, जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का... Gold-Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, जानें आज के ताजा रेट बंगा में फायरिंग से फैली सनसनी: मोहल्ले में चल रहे कार्यक्रम के दौरान चली गोली, महिला सहित दो घायल काहनूवान में बड़ी चोरी: पशु फार्म के चौकीदार को बंधक बनाकर चोर ले उड़े कीमती गायें और सामान Punjab Holiday: 31 जुलाई 2026 को सरकारी दफ्तर और स्कूल रहेंगे बंद, जानिए पूरी जानकारी नंद किशोर गोयनका का निधन: डॉ. सुभाष चंद्रा के पिता ने 96 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस Yamunanagar Crime News: हरप्रीत कौर की मौत मामले में पति सहित चार पर केस दर्ज, मायके वालों ने लगाए द... Hisar News: लिफ्ट में फंसकर धड़ से अलग हुआ युवक का सिर, CCTV फुटेज देख दंग रह गए परिजन Haryana News: भोपाल सिंह को मिली बड़ी जिम्मेदारी, मुख्यमंत्री कार्यालय में स्पेशल ऑफिसर नियुक्त चंडीगढ़ बैंक घोटाला: 657 करोड़ की धोखाधड़ी में CBI का बड़ा खुलासा, मास्टरमाइंड बना ब्रांच मैनेजर
देश

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर आज आएगा सुप्रीम कोर्ट का ‘सुप्रीम’ फैसला

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। जस्टिस एनवी रमना की अगुआई वाली पांच सदस्यीय पीठ ने 23 जनवरी की सुनवाई में याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित कर लिया था। सोमवार को फैसला आ सकता है। यह भी संभव है कि मामला बड़ी पीठ के पास सुनवाई के लिए भेज दिया जाए।

केंद्र सरकार ने कहा- हालात में बदलाव के लिए अनुच्छेद 370 हटाना एकमात्र विकल्प था

केंद्र ने पांच अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का फैसला किया था। फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं के जवाब में केंद्र सरकार ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के हालात में बदलाव के लिए अनुच्छेद 370 हटाना ही एकमात्र विकल्प था। इस अनुच्छेद को हटाए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और भविष्य में भी यह बरकरार रहने की उम्मीद है।

याचिकाकर्ताओं ने मामले को वृहत पीठ के समक्ष भेजे जाने का किया अनुरोध

गैर-सरकारी संगठन पीपुल्स यूनियन ऑफ सिविल लिबर्टीज, जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन और कुछ अन्य याचिकाकर्ताओं ने मामले को वृहत पीठ के समक्ष भेजे जाने का भी अनुरोध किया है।

वेणुगोपाल ने कहा था- अलगाववादी अलग राज्य चाहते हैं

इससे पहले कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल के.के. वेणुगोपाल ने जनमत संग्रह पर दलीलें पेश करते हुए कहा था कि अलगाववादी वहां जनमत संग्रह का मुद्दा उठाते आए हैं, क्योंकि वह जम्मू कश्मीर को अलग संप्रभु राज्य बनाना चाहते हैं। वेणुगोपाल ने कहा था कि अलगाववादी अलग राज्य चाहते हैं, जिसको सही नहीं ठहराया जा सकता है।

रेफरेंडम कोई समाधान नहीं

अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि जम्मू-कश्मीर के महाराजा हरि सिंह ने भारत से मदद इसलिए मांगी थी, क्योंकि वहां विद्रोही घुस चुके थे। वहां पर आपराधिक घटनाएं हुईं थीं। अलगाववादियों को पाकिस्तान से ट्रेनिंग देकर बर्बादी करने के लिए जम्मू-कश्मीर भेजा था। वेणुगोपाल ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में जनमत संग्रह कोई भी स्थाई समाधान नहीं था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button